10. दस विपत्तियाँ

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 1

परमेसुर ने मूसा अउर हारुन का चेतावनी दीनेस, कहेसे कि फिरौन हठीला हुई जइ। जवै उयीं फिरौन के नेरे गे तब वहिसे बोलेन, “इस्राएल का परमेसुर या कहत है, ‘मोरे लोगन का जाय दे!” पर फिरौन उनकै न सुनिस अउर इस्राएलिन का जाय के खातिर आजाद करै के बजाय व उनका अउर कठिन मेहनत करै के खातिर मजबूर कीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 2

फिरौन राजा उन लोगन का जाय देय से लगातार मना करत रहो, यहीखातिर परमेसुर मिस्र देश पर दस भयंकर विपत्तियाँ भेजिस। इन विपत्तियन के द्वारा परमेसुर ने फिरौन राजा का देखाइस कि व फिरौन राजा, अउर मिस्र देश के देवतन से अधिक शक्तिशाली है।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 3

परमेसुर नील नदी का लोहू मा बदल दीनेस, लेकिन फिरौन राजा अबै तक इस्राएलिन का जाय न दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 4

परमेसुर ने पूरे मिस्र देश मा गूलर भेजिस। फिरौन राजा गूलरन का दूर करै के खातिर मूसा से अनुरोध कीनेस। लेकिन सब गूलरन का मर जाय के बाद, फिरौन राजा अपने मन का कठोर कर लीनेस अउर इस्राएलिन का मिस्र देश से न निकरै दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 5

यहीखातिर परमेसुर ने कुटकिन कै विपत्ति भेजिस, वही के बाद व डाँसों कै विपत्ति भेजिस। फिरौन राजा मूसा अउर हारून का बुलायस अउर उनसे कहिस की अगर उयीं इन विपत्तियन को रूकाय देय तौ इस्राएली मिस्र देश छोड़ कै जाय सकत है। जबही मूसा ने प्रार्थना करी तो परमेसुर मिस्र देश पर से डाँसों को हटाय लीनेस, लेकिन फिरौन राजा ने फिर से अपने मन का कठोर कर लीनेस अउर उन लोगन का स्वतंत्र हुइ कै जाय न दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 6

यहिके बाद, परमेसुर मिस्रियन के सबै पालतू जानवरन का बेमार हुई कै मर जाय दीनेस। फिरौन राजा का मन फिर कठोर हुयीगा अउर व इस्राएलिन का जाय न दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 7

तबै परमेसुर ने मूसा से फिरौन राजा के आगे हवा मा राख फेकै के खातिर कहिस। जब व अइसन कीनेस तबै मिस्र देश के लोगन कि चमड़ी पर पिरायं वाले फोवारा निकर आये, लेकिन इस्राएलिन का कुछ न भा। परमेसुर फिरौन राजा के मन का कठोर कर दीनेस, अउर इस्राएलिन का स्वतंत्र हुइ कै जाय न दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 8

यहिके बाद, परमेसुर ओला गिरायस अउर मिस्र देश कै अधिकांश फसल नाश कर दीनेस अउर जउन बाहेर निकरो वही मार डारेस। फिरौन राजा मूसा अउर हारून का बुलाइस अउर कहिस, “मैं पाप कीन हऊँ, अब तुम लोग जाय सकत हऊ।” तबै मूसा प्रार्थना कीनेस, अउर आकाश से ओला गिरब बंद हुई गे।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 9

लेकिन फिरौन राजा फिर से पाप कीनेस अउर अपने मन का कठोर कर लीनेस। अउर इस्राएलिन का स्वतंत्र हुइ कै जाय न दीनेस।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 10

अतः अब परमेसुर मिस्र देश मा टिड्डिन के दलन का आवें दीनेस। टिड्डिन ने पूरी फसल का खाय लीनेन जिनका ओलन ने नाश नहीं कीन तय।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 11

फिर परमेसुर अंधियारा कर दीनेस जउन तीन दिनन तक बनो रहो। या इत्ता घना अंधियारा रहै कि मिस्री लोग अपने घरन से न निकर पाए। लेकिन जहाँ इस्राएली लोग रहैं वहाँ उजियारा रहै।

10. दस विपत्तियाँ — चित्र 12

इन नौ विपत्तियन के बाद भी, फिरौन राजा इस्राएलिन का स्वतंत्र हुइ कै जाय न दीनेस, कहे से फिरौन राजा न सुनो तै। यहीखातिर परमेसुर इयक अंतिम विपत्ति का भेजय कै योजना बनाइस। या विपत्ति फिरौन के मन का बदल दयी।

निर्गमन अध्याय 5-10 से बाइबिल कै इयक कथा

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