16. छुड़ावे वाला

16. छुड़ावे वाला — चित्र 1

यहोशू के मरै के बाद इस्राएलिन ने परमेसुर कै आज्ञा मानव बंद कर दीनेन। उयीं परमेसुर के नियमन का पालन करब बंद कर दीनेन, अउर व वायदा के देश से बचे हुए कनानिन का बाहेर नही निकारेन। इस्राएलिन ने अपने सच्चे परम प्रधान परमेसुर का छोड़ कै कनानिन के देवतन कै उपासना करब शुरू कर दीनेन। इस्राएलिन के पास कउनो राजा नहीं रहो, यहीखातिर जेही जउन सही लाग व वहय कीनेस।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 2

परमेसुर कै आज्ञा न मानै के कारण इस्राएलिन ने इयक तरीका का शुरू कर दीनेन जेहिका कई बार दोहराओ गा तै। य तरीका इन तना से चली: कुछ सालन तक इस्राएली परमेसुर कै आज्ञा न मानेन, तब व उनका उनके दुश्मनन से हारवे के द्वारा दंडित कीनेस। उयीं दुश्मन इस्राएलिन से उनकी चीजन का लूट लीनेन, उनकी सम्पत्ती का नाश कर दियत ते, अउर उनमा से बहुतन का मार डारेन। फिर जब इस्राएलिन के दुश्मन उन पर कई साल तक अत्याचार कीनेन, वहिके बाद इस्राएली अपने पापन का पश्चाताप करत ते अउर परमेसुर से उनका बचावें के खातिर प्रार्थना करत ते।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 3

हर बार जब इस्राएली पश्चाताप करत ते तब परमेसुर उनका बचायी। व इयक छुड़ावे वाले के द्वारा आइसा करी- इयक आइसा जन जउन उनके दुश्मन के खिलाफ लड़त तै अउर उनका हराय दियत तै। तब देश मा शान्ति हुवत ती अउर व छुड़ावे वाला उन पर अच्छे से शासन करत तै। परमेसुर ने उन लोगन को बचावें के खातिर बहुत से छुडावे वालेन का भेजी। परमेसुर ने फिर से अइसा कीनेस, व पास ही की इयक शत्रु जाति मिद्यानिन से इस्राएलिन का हरवाय दीनेस।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 4

मिद्यानिन ने सात साल तक इस्राएलिन कि फसलन का लूटिन। इस्राएली बहुत डेराय गे ते, अउर उयीं गुफन मा लुक जात ते कि मिद्यानी उनका ढूढ न सके। आख़िरकार, उनका बचावे के खातिर, उयीं परमेसुर का पुकारेन।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 5

गिदोन नाम का इयक इस्राएली आदमी रहै। इयक दिन व इयक गुप्त जगा मा गेहूँ समेट रहों तै ता कि मिद्दानी वही चोराय न पावें। परमेसुर के स्वर्गदूत ने गिदोन के नेरे आय कै वहिसे कहिन, “हे शूरवीर सूरमा परमेसुर तोरे साथ है। ज अउर इस्राएलिन का मिद्दानिन से बचाव।”

16. छुड़ावे वाला — चित्र 6

गिदोन के बाप के पास मूर्ति को समर्पित इयक वेदी रहै। सबसे पहली बात जउन परमेसुर ने गिदोन कों करै के खातिर कहिस व काम व वेदी का तोड़े का रहै। लेकिन गिदोन लोगन से डेरात तै। यहीखातिर उसने रात हुवाए कै प्रतीक्षा कीनेस। तब उसने व वेदी का तोड़ कै टुकड़ा- टुकड़ा कर दीनेस। तब व परमेसुर के खातिर इयक नयी वेदी बनाइस अउर वहमा परमेसुर के खातिर बलिदान कीनेस।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 7

अगली सुबह जब लोगन ने दीख की कउनो वेदी का तोड़ कै टुकड़े-टुकड़े कर दीन है, यहीखातिर उयीं बहुत क्रोधित भे। उयीं गिदोन का मार डालै कें खातिर वहिके घरै गे, लेकिन गिदोन के बाप ने कहो, “तुम काहें अपने देवता कै सहायता करै का प्रयास करत हऊ? यदि व देवता है तो वही आपन सुरक्षा खुदही करै देव!” कहेसे व अइसा कहिन यहीखातिर लोगन ने गिदोन का नही मारेन।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 8

तब इस्राएलिन का लूटै के खातिर मिद्यानी फिर से आए। उयीं इत्ते ज्यादा रहै कि उनकै गिनती भी न कीन जाय सकत ती। गिदोन ने उनके खिलाफ लड़े के खातिर इस्राएलिन का इयक साथ बुलाएस। गिदोन ने परमेसुर से दो चिन्हन की माँग करी ता कि वहिका सुनिश्चित हुइ जाय कि परमेसुर सच मा इस्राएल का बचावए के खातिर कहि रहो है।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 9

पहिले चिन्ह के खातिर, गिदोन ने गाडर के ऊन का जमीन मा रख कै परमेसुर से कहिस कि सुबह कै ओस केवल गाडर के व ऊन पर परै अउर जमीन मा न परै। परमेसुर ने अइसा ही कीनेस। अगली रात, व परमेसुर से कहिस कि जमीन गीली हुइ जाय परन्तु गाडर कै ऊन झूर रहै। परमेसुर ने अइसन भी कीनेस। इन द्वि चिन्हन के कारण, गिदोन ने विश्वास कीनेस कि परमेसुर सच मा चाहत है कि व इस्राएलिन को मिद्यानिन से बचाई।

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तब गिदोन ने सिपाहियों को अपने नेरे बुलाएस अउर 32,000 आदमी आए। लेकिन परमेसुर ने वहिसे कहिस कि यीँ बहुत ज्यादा है। अतः गिदोन ने उयीं सब 22,000 का घर वापिस भेज दीनेस जउन लडै से डेरात ते। परमेसुर ने गिदोन से कहिन कि ये आदमी अबै भी बहुत ज्यादा है। यहीखातिर गिदोन ने 300 सिपाहिन को छोड़ कै बाकी सबन का घर वापिस भेज दीनेन।

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व रात परमेसुर ने गिदोन से कहिन, “मिद्दानिन की छावनी मा जा अउर उनका बातें करब सुनेस। जब तै सुन कि उयीं काय बातें करत है तबहिन तै उन पर धावा बोलै से न डेरैय।” यहीखातिर व रात, गिदोन तरे उनकी छावनी मा गा अउर व इयक मिद्दानी सिपाही का अपने साथी का या बात बतावत सुनेस जउन व सपन मा दीख तेइस। व आदमी के साथी ने कहिस, “या सपन का अर्थ है कि गिदोन कै सेना हम मिद्दानी सेना का हराय दयी!” जब गिदोन ने य सुना तो उसने परमेसुर कै आराधना करी।

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तब गिदोन अपने सिपाहिन के नेरे लउटा अउर उनमा से हर इयक का इयक-इयक नरसिंहा, इयक माटी का बर्तन, अउर इयक मशाल दीनेस। उयीं व छावनी का घेर लीनेन जहाँ मिद्दानी सिपाही सोय रहे ते। गिदोन के 300 सिपाहिन ने अपनी मशालों को बर्तनों से मूदलीन तेइन यहीखातिर मिद्दानी उन मशालन के उजेला को नही देख पाइन।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 13

तब गिदोन के सबै सिपाहिन ने अपने बर्तनन का इयक ही समय मा तोड़ कै अचानक से मशालन की आगी का उजागर कर दीनेन। उयीं आपन नरसिंहा फूँकेन अउर चिल्लायन,“परम प्रधान परमेसुर कै अउर गिदोन कै तलवार!”

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परमेसुर ने मिद्दानिन का घबराय दीनेन, यहीखातिर उयीं इयक दुसरे का मारै-काटै लाग। जल्द ही, गिदोन उयीं संदेश भेजै वालेन का बहुत से अन्य इस्राएलिन का मिद्दानिन का पाछे करै मा उनकी मदद करै का बुलावे के खातिर भेजिन। तब उयीं उनमा से बहुतन का मार डालेन अउर बाकीं का पीछा करकै उनका इस्राएल देश से बाहेर निकार दीनेन। व दिन 1,20,000 मिद्दानी मारे गे। इन तना परमेसुर ने इस्राएल का बचायस।

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उयीं लोग गिदोन का आपन राजा बनाओं चाहत ते लेकिन गिदोन ने उनका अइसा नही करै दीनेस, लेकिन उसने उनसे व सोने के गहने माँगेस जउन उनमा से हर इयक ने मिद्दानिन से लूटो तै। उन लोगन ने बड़ी मात्रा मा गिदोन का सोना दीनेन।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 16

तब गिदोन ने व सोने से इयक विशेष कपड़ा बनाइस जइसा कि महायाजक पहिना करत ते। लेकिन लोगन ने वहिकै उपासना करब शुरू कर दीनेन जइसा की व इयक मूर्ती हुवय। तब परमेसुर ने फिर से इस्राएल का दण्डित कीनेस कहे से उयीं मूर्ती कै उपासना कीनेन। परमेसुर ने उनके शत्रुन का उनका हरावें मा सक्षम कीनेस। आखिरकार उयीं फिर से परमेसुर से मदद मांगे के खातिर प्रार्थना कीनेन अउर परमेसुर ने उनका बचावें के खातिर इयक दूसर छुड़ावें वाले का भेजिस।

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या बात कई बार घटी: इस्राएली लोग पाप करी है, परमेसुर उनका दंडित करी, उयी पश्चाताप करि है अउर परमेसुर उनका छुड़ावे के खातिर कोहूँ का भेजी। कई साल तक, परमेसुर ने बहुत से छुढावें वालेन का भेजिस जउन इस्राएलिन का उनके शत्रुवन से बचाइन।

16. छुड़ावे वाला — चित्र 18

आखिरकार, उन लोगन ने अन्य देशन की तरा परमेसुर से अपने खातिर इयक राजा कै माँग कीनन। उयीं इयक अइसा राजा चाहत ते जउन लम्बा अउर बहादुर होय अउर जउन लड़ाई मा उनकै अगुवाई कर सकै। परमेसुर का या अनुरोध पसंद न आओ, लेकिन वा उनका वइसा राजा दीनेस जैइसा उयीं माँग कीन तै।

न्यायियों अध्याय 1-3; 6-8; 1 शमूएल 1-10 से बाइबिल कै इयक कथा

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