20. गुलामी से लउटब
इस्राएल के राज अउर यहूदा के राज दोनों ने परमेसुर के विरूद्ध पाप कीनेन। उयीं व वाचा का तोड़ दीनेन जउन परमेसुर ने उनके साथ सीनै पहार मा बांधो तै। परमेसुर ने उनका पश्चाताप करै अउर फिर से वहिकै आराधना करै के खातिर चेतावनी देय का अपने संदेश बतावें वालेन का भेजिस, लेकिन उयीं वहिकी बातन का मानय से इंकार कर दीनेन।
अतः परमेसुर ने दोनों राजन का दण्ड दीनेस। व या दण्ड उनके दुश्मन के द्वारा दयिकै उनका नाश कीनेस।अश्शूर इयक अन्य देश रहै जउन बहुत शक्तिशाली हुइगा तै। उयीं दुसरे देशन के प्रति बहुत निर्दयी भी रहै। उयीं आयकै इस्राएल के राज का नाश कर दीनेन। अश्शुरियन ने आयकै इस्राएल के राज मा बहुतन का मार डालेंन, जउन चाहेन व लूट लीनेन अउर देश के कई भागन का जलाय दीनेन।
अश्शुरियन ने सब अगुवें, धनवान लोगन, अउर अइसन लोगन कि जउन महँगी वस्तुए वनाय सकत ते, इयक साथ इक्कठा कीनेन अउर उयीं उनका अश्शूर देश लइगे। इस्राएल मा केवल कुछ गरीब इस्राएली ही बचे रहिगे।
फिर अश्शूरी लोग व देश मा रहै के खातिर बिदेशी लोगन का लइकै आयें। उन बिदेशियन ने उन नगरन का फिर से बानाएन। जउन इस्राएली उहाँ बचे रहै उनके साथ उयीं गैर जातिय बिवाह कीनेन। इन लोगन के वंशज सामरी कहलाइन।
यहूदा के राज के लोगन ने दिखिन कि कइसे परमेसुर ने इस्राएल के राज के लोगन को दण्ड दीन तै। व यहीखातिर उनका दण्ड दीनेस कहेसे इस्राएली परमेसुर पर विश्वास न कीनेन अउर उनकी बातन का न मानेन। लेकिन तब भी उयीं मुर्तियन कै उपासना कीनेन अउर कनानियन के देउतन की मुर्तियन कै भी उपासना कीनेन। परमेसुर उनका चेतावनी देय के खातिर परमेसुर बतावें वालेन का भेजिस, लेकिन उयीं सुनै से इंकार कर दीनेन।
अश्शूरियन के द्वारा इस्राएल के राज का नाश कर देय के लगभग 100 सालन के बाद, परमेसुर ने बेबीलोन के राजा नबूकदनेस्सर को यहूदा के राज पर हमला करै के खातिर भेजिस। बेबीलोन इयक शक्तिशाली देश रहै। यहूदा का राजा नबुकदनेस्सर का दास बनै अउर हर साल वही बहुत सारा धन देय के खातिर सहमत हुइगा।
लेकिन कुछ सालन के बाद यहूदा के राजा बेबीलोन के खिलाफ बलवा कीनेन। अतः बेबीलोनियन ने वापिस आय कै यहूदा के राज मा हमला कर दीनेन। उयीं यरूशलेम नगर मा कब्ज्जा कर लीनेन, मंदिर का नाश कर दीनेन, अउर नगर अउर मंदिर के खजाने का लूट लीनेन।
बलवा करै के कारण नबूकदनेस्सर राजा के सिपाहियन ने यहूदा के राजा को दण्ड दीनेन। उयीं, यहूदा के राजा के लरका का वहिके आगे मार डालेन अउर फिर राजा का अंधा कर दीनेन। यहिके बाद, उयीं राजा का लयीगे ताकि व बेबीलोन के जेलखाने मा मर जाय।
नबूकदनेस्सर अउर वहिकै सेना यहूदा के राज के लगभग पूरे ही लोगन का बेबीलोन लयिगे, केवल सबसे गरीब लोगन का पाछे छोड़कै ताकि उयीं खेतन मा फसल उपजावें। समय के या काल का बधुआई का काल कहोगा जेहिमा परमेसुर के लोगन का वायदा के देश से निकर जाय के खातिर मजबूर कीन गा।
भले ही परमेसुर ने अपने लोगन का उनके पाप के खातिर बधुआई मा लयी जाय के द्वारा सजा दीनेस, तऊ भी व उनका या अपनी वायदा का न भूलेस। परमेसुर अपने लोगन कै निगरानी करब जारी रखिस अउर अपने संदेश बतावें वालेन के द्वारा उनसे बातें करत रहो। व वायदा कीनेस कि सत्तर साल के बाद, उयीं फिर से वायदा के देश का लउटी है।
लगभग सत्तर साल के बाद, फारस के राजा कुस्त्रू ने बेबिलोनियन का हराय दीनेस, यहीखातिर बेबीलोन के साम्राज्य के बजाए फारस का साम्राज्य कई देशन मा शासन करिस। इस्राएली लोग अब यहूदी कहलावत ते। उनमा से बहुतन ने आपन सारा जीवन बेबीलोन मा बिताय दीनेन। केवल थोड़े, बहुत बूढे यहूदियन को ही यहूदा का देश याद रहय।
फारसी लोग बहुत शक्तिशाली रहै, लेकिन उयीं अपने जीते हुए लोगन पर दया कीन तै। फारसी लोगन का राजा वनय के कुछ समय बाद, कुस्त्रू ने इयक आदेश दीनेस। वा कहेस कि कउनो भी यहूदी जउन यहूदा का लउटो चाहत तै, व फारस से निकर कै वापिस यहूदा का जाय सकत है। यहाँ तक कि उसने उनके मंदिर का भी फिर से बनावें के खातिर धन भी दीनेस। अतः बधुवाई के सत्तर साल के बाद, यहूदियन का इयक छोटा सा दल यहूदा के यारूसलेम नगर का लउट आओं।
जब उयीं लोग यरूशलेम पहुचें तो उयीं मंदिर का अउर नगर के चारो तरफ कि दिवार का फिर से बनाइन। फारसी लोग अब भी उन पर शासन करत ते लेकिन इयक बार फिर से उयीं वायदा के देश मा रही रहे ते अउर मंदिर मा आराधना करत ते।
2 राजा अध्याय 17; 24-25; 2 इतिहास 36; एज़्रा 1-10; नहेम्याह 1-13 से बाइबिल कै इयक कथा
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