16. परमेश्वर मूसा को बुलाते
यूसुफ के मरन के बाद ओके सप्पाई रिस्तेदार मिस्र देश में बस गइन। ही अऊर हुनकी पीढ़ी कइ साल तक मिस्र में च रहिन, अऊर हुनने बहुत संतान पैदा करिन। अऊर ही इस्राएली कहलाइन।
कइ सौ साल के बाद, इस्राएली लोगनाऊन की संख्या बहुत बढ़ गई होती। अऊर मिस्री लोग अब या बात के गुना आभारी नी होतीन कि हुनकी मदत करन के गुना यूसुफ ने बहुत कई करे होतीस।
इस्राएलीनाऊन से डर गइन कायाकि ही गिनती में हुनके से बहुत जादा होतीन। इकेगुना वा समय मिस्र पे शासन करनेवाले फिरौन ने इस्राएली लोगनाऊन को मिस्रि लोगनाऊन के गुलाम बना देइस।
मिस्रि लोगनाऊन ने इस्राएली लोगनाऊन को बहुतसी इमारतनाऊन अऊर यहाँ तक कि कइ शहर को बनान के गुना मजबूर करीन। वा कठिन मेहनत ने हुनके जीवन को बड़ा दर्दनाक बना देये होतीस, पर परमेश्वर ने हुनको आशीष देइस अऊर हुनके अऊर बहुत संतान भइन।
फिरौन ने देखिस कि इस्राएली लोगनाऊन की बहुत सी संतान पैदा हो रही हय, एकेगुना ओने अपने लोगनाऊन को इस्राएली नाऊन के सप्पाई नर बच्चों को नील नदी में फेंक के मार डालन को आदेश देइस।
एक विशेष इस्राएली बाई ने एक नर बचचा को जनम देई। ओने अऊर ओके दूल्हा ने जितनो हुनके से हो सकीस हु टूरा को लुका के राखीन।
जब हु टूरा के माय-बाप, ओके अऊर जादा नी लुका सकीन, तो हुनने ओके मारे जान से बचान के गुना एक तैरने वाली टोकनी में नील नदी के किनारा पे सरकंडा के बीच रख देइन। ओकी बड़ी बहिन ने यो देखन के गुना ओकी पहरेदारी करी कि ओके संग का होते।
फिरौन की टूरी ने वा टोकनी को देखके ओके अंदर झाँकी। जब ओने एक टूरा को देखी तो ओने ओको अपने टूरा के रूप में ले लेइ। ओने एक इस्राएली बाई को ओको दूध पियान के गुना काम पे रख लेइ, बिना यो जाने कि वा हु टूरा की खरी माय होती। जब हु टूरा इतनो बडो हो गइस कि अब ओको अपने माय के दूध की जरुरत नी होती, तो ओने फिरौन की टूरी के जवर ओको लौटा देई, अऊर ओको नाम मूसा होतीस।
एक दिन, जब मूसा बडो हो गइतीस, तो ओने देखीस कि एक मिस्री एक इस्राएली मानुष को मार रहीस हय। मूसा ने अपने संगी इस्राएली को बचान की कोशिश करीस।
जब मूसा ने सोचीस कि ओको कोइ नी देखे तो ओने हु मिस्री मानुष को मार डलीस अऊर ओके शरीर को दफना देइस।
पर मूसा ने जो करे होतीस, ओको कोई मानुष ने देख लेये होतीस।
फिरौन को मालूम हो गइस कि मूसा ने का करिस हय। ओने ओको मार डालन की कोशिश करीस, पर मूसा मिस्र से जंगल में भग गइस। फिरौन के सैनिक ओको वहाँ ढूंड नी सकीन।
मिस्र से दूर जंगल में मूसा एक चरवाहा बन गये होतीस। ओने वहाँ एक स्त्री से बिहाव कर लेइस अऊर दो टूरा पैदा करीस।
मूसा अपने ससुर की मेंढानाऊन के झुंड की देख-रेख करत होतीस। एक दिन, ओने एक जलती हुई झाड़ी को देखीस जो भस्म होए बिना जलत होती।
ओको देखन के गुना हु वा झाड़ी के जवर गइस। जब हु ओके बहुत जवर गइस तो परमेश्वर ने ओके बात करीस।ओने कहिस, "हे मूसा, अपने जूत उतार दे। कायाकी तू एक पवित्र जागा पे थाडो हस।"
परमेश्वर ने कहिस, "मयने अपने लोग नाऊन के दुःख को देखेमहम। मय तोको फिरौन के जवर भेजू ताकि तू इस्राएली नाऊन को मिस्र के गुलामी से छुड़ाय के लाये। मय हुनको कनान देश देऊँ, हु देश जेको मयने अब्राहम, इसहाक अऊर याकूब से वादा करेम हम।"
मूसा ने पुछीस, "अगर लोगनाऊन ने जाननो चाहिन कि मोको कोने भेजिस हय तो मय का कहूँ?" परमेश्वर ने कहिस, "मय जो हम सो हम। हुनके से कहो, 'मयच तुमारे जवर भेजो गयेम हम।' हुनके से यो भी कहो, 'मय तुमारे पूर्वजनाऊन अब्राहम, इसहाक अऊर याकूब का परमेश्वर यहोवा आम।' मेरो यो नाम हमेशा को हम।"
मूसा डरत होतीस अऊर फिरौन के जवर जानो नी चाहत होतीस, कायाकि ओने सोचिस कि हु साजरे से नी बोल सके, एकेगुना परमेश्वर ने मूसा के भाऊ, हारून को ओकी मदत करन के गुना भेजिस।
निर्गमन अध्याय 1-4 तक बाइबल की एक कहानी
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