50. यीशु वापस लौटते

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 1

लगभग 2,000 साल से, संसार में सप्पाई जागा पे सबसे जादा लोग मसीह यीशु के बारे में सुसमाचार को सुन रहीन हत। कलीसिया तरक्की कर रही हय। यीशु ने वादा करीस कि हूँ दूनिया के आखरी में वापस लौटे। हांलाकि हु अभी वापस नी आइस हय, तौभी हु अपने वादा को पूरो करे।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 2

जब कि हम यीशु के वापस लौटन की रास्ता देख रहे हन, परमेश्वर हमारे से असे तरीका से जीवन जीन की इच्छा करते जो पवित्र हय अऊर जो ओको आदर करते। जब यीशु धरती पे रहत होतीस, तब ओने कहीस, "मोरे चेला दुनिया भर में सप्पाई जागा के लोगनाऊन को परमेश्वर के राज्य के बारे में सुसमाचार प्रचार करेत, तब दुनिया को अंत हो जाये।"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 3

कई सारी जातिनाऊन ने अभी तक यीशु के बारे में नी सुनीन हय। स्वर्ग को लौट जान से पहले, यीशु ने मसीहीनाऊन से हुन लोगनाऊन को सुसमाचार सुनान को कहिस जिनने एको कभी नी सुनीन होये। ओने कहिस, "जाओ अऊर सप्पाई जातिनाऊन के लोगनाऊन को चेला बनाओ!" कायाकि लोगनाऊन परमेश्वर के जवर आन के गुना अभी तैयार हय!"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 4

यीशु ने यो भी कहिस, "कोइ मानुष को सेवक अपने स्वामी से बडो नी होय। या दुनिया के योग्य लोगनाऊन ने मोरे से नफरत करीन, अऊर मोरे कारण ही लोग तुमाको भी सताये अऊर मार डालेत। या दुनिया में तुम दुखी होवो, पर मज़बूत बनो, कायाकि मयने शैतान को हरा देयेम हम जो या दुनिया पे राज्य करते। अगर तुम आखरी तक मोरे संग विश्वास योग्य बनके रहो, तो परमेश्वर तुमाको बचाये!"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 5

यीशु ने अपने चेलानाऊन को यो समझान के गुना एक कहानी सुनाइस कि जब दुनिया को अंत होये तो लोगनाऊन के संग का होगा। ओने कहिस, "कोइ मानुष ने अपने खेत में साजरो बीज बोइस। जब हु सोत होतीस तो ओको दुश्मन आइस अऊर गेहू के बीज में कचरा के जंगली झाड के बीज को बो देइस, अऊर फिर हु चला गइस।"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 6

"जब झाड के अंकुर आइन तो सेवकनाऊन ने हु मानुष से कहीन, 'हे स्वामी, तूने अपने खेत में साजरो बीज बोये होतेस। तो फिर ओके में जंगली झाड कहां से आइन?' हु मानुष ने उत्तर देइस, 'सिरिफ मोरे दुश्मन च हुनको बो सक्तत यो मोरो कोइ दुश्मन आय जेने असो कम करीस हय।'"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 7

"ही सेवकनाऊन ने अपने स्वामी को उत्तर देइन, 'का हमाको जंगली झाड को उखान देहे पाइजे?' हु स्वामी ने कहीस, 'नी। अगर तुम असो करो तो तुम गेहू को भी उखान सकतव। एकेगुना कटाइ के समय तक रास्ता देखो। तब जंगली झाड़नाऊन को जमा करके गटढा बना के जगा कर लेव ताकि तुम हुनको जला सको। पर गेहू को मोरे भंडार में लेके आओ।'

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 8

चेलनाऊन ने या कहानी के मतलब को नी समझीन एकेगुना हुनने यीशु से हुनको समझान की बिनती करीन। यीशु ने कहीस, "साजरो बीज बोने वालो मानुष मसीह को दिखाते। खेत दुनिया को दिखाते। साजरो बीज परमेश्वर के राज्य के लोगनाऊन को दिखाते।"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 9

"जंगली झाड हु दुष्ट मानुष, शैतान के लोगनाऊन को दिखाते। हु मनुष्य को दुश्मन शैतान को दिखाते, जेने जंगली झाड के बीच बो देइस। कटाई यो संसार के नाश होने को दिखाते, अऊर कटाई करन वाले परमेश्वर के स्वर्गदूतनाऊन दिखाते।"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 10

"जब दुनिया को नाश होये, तब स्वर्गदूत हुन सप्पाई लोगनाऊन को एक संग जमा करेत जो शैतान के हय। ही स्वर्गदूत हुनको एक बहुत च गरम आगी में फेंक देंहेत। अऊर वहाँ लोग भयानक दुःख के मारे रोयेत अऊर अपने दाँत कटरेत। पर जो लोग धर्मी हय, जिनने यीशु को स्वीकार करीन हय, ही हुनके परमेश्वर बाप के राज्य में सूरज के सारखे चमकेत।"

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 11

यीशु ने यो भी कहीस कि हु दुनिया को नाश होन से पहले धरती पे आए। वाच रिती से आपस आए, जसो हु गइतीस। मतलब, ओके जवर वास्तविक शरीर होये, अऊर हु आकाश में बादल पे सवार होयके आये। जब यीशु वापस आये, तो हर एक विश्वासी मसीही जो मर गइन हय मरे हुए में से जिन्दे होयेत अऊर ओके से आकाश में मिलेत।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 12

फिर जो मसीही विश्वासी अभी भी जिन्दे हय ही आकाश में उठा लिये जायेत अऊर दूसरे मसीही विश्वासीनाऊन के संग मिल जायेत जो मरे में से जिन्दे होयेत। ही सप्पाई वहां यीशु के संग होयेत। ओके बाद, यीशु अपने लोगनाऊन के संग रहे। जब ही एक संग रहेत तो हुनके जवर हमेशा के गुना पूरी शान्ति होये।

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यीशु ने ओके पे विश्वास करन वाले हर एक मानुष को एक मुकुट देने को वादा करीस हय। ही हमेशा के गुना परमेश्वर के संग हर एक चीज पे राज्य करेत अऊर हुनके जवर हमेशा के गुना पूरी शान्ति होये।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 14

पर परमेश्वर हुन सप्पाई को न्याय करे, जो यीशु पर विश्वास नी करत। हु हुनको नरक की आगी में दाल देहे। वहाँ पे ही रोयेत अऊर दात कटरेत, अऊर ही हमेशा दुःख सहेत। अऊर कभी नी बुझन वाली आगी हुनको हमेशा जलाती रहे, अऊर किड़ानाऊन हुनको खाने से कभी नी रुकेत।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 15

जब यीशु वापस आएत, तो हु पूरी रीती से शैतान को अऊर ओके राज्य को नाश कर देहे। हु शैतान को नरक की आगी में डाल देहे। वहाँ शैतान हमेशा के गुना जलतो रहे, ही सबसे संग जिनने परमेश्वर की बातनाऊन को मानन के बजाए शैतान के पीछे चलन को चुन लेइन होतीन।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 16

कायाकि आदम अऊर हव्वा ने परमेश्वर की आज्ञानी माने होतीन अऊर पाप को या दुनिया में लेके आए होतीन, परमेश्वर ने ओको श्राप देइस अऊर ओको नाश करन को फैसला करीस। पर एक दिन परमेश्वर एक नए स्वर्ग अऊर एक नई धरती को बनाये जो जो सिद्ध होये।

50. यीशु वापस लौटते — चित्र 17

यीशु अऊर ओके लोग वा नई धरती पे रहेत, अऊर हु हमेशा के गुना सप्पाई चीजनाऊन पे राज्य करे। हु लोगनाऊन की आखीनाऊन से हर एक आसू नाऊन को पोछ देहे। अऊर फिर कोई भी दुःखी नी होये। ही बीमार नी होयेत या नी मरेत। अऊर वहा कइ भी बुराइ नी होये। यीशु अपने राज्य में न्याय से, अऊर शान्ति से राज्य करे। हु हमेशा के गुना अपने लोगनाऊन के संग रहे।

मत्ती 24:14; 28:18; यूहन्ना 15:20, 16:33; प्रकाशितवाक्य 2:10; मत्ती 13:24-30, 36-42; 1 थिस्सलुनीकियों 4:13-5:11; याकूब 1:12; मत्ती 22:13; प्रकाशितवाक्य 20:10, 21:1-22:21 से बाइबल की कहानीनाऊन

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