34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 1

यीशु हर परमेश्वर के राज्य के बारे मा आने आने बनेच कथामन सुनाईसI उदहारण बर, ओहर कहीस, “परमेश्वर के राज्य एक सरसों के बीज के समान हे जोन कोनो अपन खेत मा बों दिसI तें जानथस कि सरसों के बीज हर सब ले छोट कुन बीज होथेI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 2

“परन्तु जब सरसों के बीज बढ़ जाथे त ओ बगिया के सब पेड़मन मा सब ले बड़ा हो जाथेI ओ इतकी बड़ा हो जाथे कि पंछी आकर ओकर डाली मा आराम करथेI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 3

यीशु हर एक आने कथा बताइस, “परमेश्वर के राज्य खमीर के समान हे जोला लेके एक महिला आटा के पिंड मा मिला देथे, तहाँ ओ सारे पिंड मा फइल जाथेI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 4

“सरग के राज ओ खजाना के समान हे जोने काकर खेत मा छुपा दिसेI कोनों आने मनसे ला ओ खजाना मिल गिस अउर ओहर ओला पायबर बनेच इच्छा करिसI इकरेबर ओहर ओला फेन ले गाड़ दिसI ओ खुशी से इतकी भरे रिहिस कि ओहर जाके अपन सब कुछु बेच दीइस ताकि ओहर उ खेत ला खरीद सके जोन करा ओ खजाना रिहिसI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 5

“सरग के राज एकठन बनेच बहुमूल्य शुद्ध मोती के समान घोले हेI जब एक मोतीमन के व्यपारी ला ओ मिलीस, तो ओहर अपन सब कुछ बेच दिस ताकि ओला खरीद सकेंI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 6

ओ ठीन कुछु मनसे रिहिन जो सोचत रिहिन कि परमेश्वर ओ मनला इकरेबर स्वीकार करिही काबर कि ओ भले काम करत रिहिसI ए मनसेमन ला तुच्छ मानत रिहिन जोन उ भले काममन ला नी करत रिहिनI इकरेबर यीशु हर ओमन ला ए कथा बताइस: “दु मनसे रिहिन अउर दुनोच प्राथना करेबर मंदिर मा गिनI ओ मेनले एकझन कर लेवईया रिहिस, अउर दुसर एकझन धर्मी अगुवा रिहिसI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 7

“ओ धार्मिक अगुवा हर एइसन प्राथना करिस कि, ‘हे परमेश्वर, तोर धन्यवाद हो कि मै आने मनसे मन के समान पापी नी अं- जैसन कि डाकू, अन्यायी मनसे, बेभिचारी, या यहँ तक ले कि यहाँ पर उपस्थित उ कर लेवईया के समान एकठन पापी नी अंI’”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 8

“उदाहरण बर, में हर सप्ताह मा दु बार उपास रखत हों, अउर मै मोला मिले वाला धन अउर सम्पति के दसवां हिस्सा तोला देवत होंI

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 9

‘’परन्तु ओ कर लेवईया ओ धार्मिक अगुवे ले बनेच दुरिहा मा खड़ा हो गिसI ओहर उपर सरग तरफ आँखिला घोले नी उठाईसI इकरे अलावा ओहर अपन मुट्ठी ले अपन छाती ला पीटीस अउर प्राथना करिस, ‘हे परमेश्वर, दया करके मोला क्षमा कर काबर कि मै एक पापी होंI”

34. यीशु दूसर कथामन ले शिक्षा देथे — चित्र 10

फेन यीशु हर कहिस, ‘’में तोला सच कह्थों, परमेश्वर हर ओ कर लेवईया के प्राथना ला सुनिस अउर ओला धर्मी घोषित करिसI परन्तु ओहर ओ धार्मिक अगुवे के प्राथना ला पसंद नी करिसI इकरबर परमेश्वर हर एकझन जोन घमंडी हे, ओला निरादर करिही, परन्तु ओहर हर एक मनसे कर आदर करिहि जो स्वयं ला नम्र करथेI

लारिया- मत्ती अध्याय 13:31-33, 44-46; मरकुस 4:30-32; लूका 13:18-21; 18:9-14 तक बाइबिल के एकठन कथा

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