15. प्रतिज्ञा का देश
अन्त मे, अब उ समय आ गियों छो कि इस्राएली लोग प्रतिज्ञा के देश, कनान में प्रवेश कर। उ देश म यरीहो नाम को एक नगर छो। उकी सुरक्षा के लिए उके चारों ओर मजबूत दीवारा छी। यहोशू नेउ नगर मे दो भेदियों की ताई भेजियो। उ नगर में राहाब नाम की एक वेश्या रेवे छी। उने इण भेदियों को छिपायो, और फेर बाद में उने वानको नगर सु बच कर निकलबा में सहायता की। उने ऐसियों ईलिए कियों क्योंकि वह परमेश्वर में विश्वास करे छी। जी समय इस्राएली लोग यरीहो को नाश करेंगा तब उन्होंने राहाब और उके परिवार की रक्षा करने की प्रतिज्ञा की छी।
इस्राएली लोगों को प्रतिज्ञा के देश में प्रवेश करबा के लिए यरदन नदी पार करनी छी। परमेश्वर ने यहोशू सु की, "याजकों को पहले जाबा दो।" जब याजकों ने यरदन नदी में आपने कदमा को रखों तो पाणी की धारा को बहेनों थम गयों, जिसु कि इस्राएली लोग नदी की दूसरी ओर सूखी भूमि पर पार जा सके।
उन लोगों क यरदन नदी पार कर ली तो परमेश्वर ने यहोशू से कहा कि यरीहो पर हमला करने के लिए तैयार रिया, यद्यपि वह बहुत दृढ़ नगर छो। परमेश्वर न उन लोग सु कहा कि उनके याजकों और सैनिकों को छः दिनों तक उस नगर के चारों ओर चक्कर लगाणो छ। अतः याजकों और सैनिकों ने ऐसियों ही कियों।
तब सातवें दन, इस्राएलियों न उ नगर के चारों ओर सात बार और चक्कर लगाया। उ नगर के चारों ओर सातवीं बार चक्कर लगा लेबा के बाद, याजकों ने आपनी तुरहियाँ फूँकी और सैनिकों ने जोरदार शब्द कियों।
तब यरीहो के चारों ओर की दीवारें गर गईं! जैसी परमेश्वर ने आज्ञा दी छी इस्राएलियों ने नगर की हर एक चीज को नष्ट कर दियों। उन्होंने केवल राहाब और उके परिवार को छोड़ दियों, जो इस्राएलियों का भाग बन गयों छो। जब कनान में रहबा वालाअन्य लोगों ने सुनियों कि इस्राएलियों ने यरीहो को नष्ट कर दियों छे, तो वे डर गया कि इस्राएली लोग वा पर भी हमला करेगा।
परमेश्वर न इस्राएलियों को आज्ञा दी छी कि कनान मे रेबा वाली किसी भी जाति के साथ शान्तिसंधि नहीं करनी छे। पण गिबोनियों नामक एक कनानी जाति ने यहोशू सु झूठ बोलिया कि वे कनान सु दूर एक स्थान के रेबा वाला छे। उन्होंने यहोशू सु वाके साथ शान्तिसंधि करबा को अनुरोध कियों। यहोशू और अन्य इस्राएली अगुवों ने परमेश्वर सु नहीं पूछियों कि वानको काई करनों चाहिए। ईके बजाए, वाने गिबोनियों के साथ शान्तिसंधि कर ली।
तीन दन बाद, इस्राएलियों को मालूम होयों कि गिबोनी लोग कनान में ही रेव छा। वे क्रोधित हो गया क्योंकि गिबोनियों ने उनको धोखा दियों छो। पण उन्होंने वाके साथ की गई उ शान्तिसंधि को बनाए राखियों क्योंकि वह परमेश्वर के सामने की गई छी। तब कुछ समय के बाद, कनान में रेबा वाली एक अन्य जाति, एमोरियों के राजाओं ने सुनियों कि गिबोनियों ने इस्राएलियों के साथ शान्तिसंधि कर ली छे , ईलिए उन्होंने आपनी-आपनी सेनाओं को एक कर के एक बड़ी सेना बनाई और गिबोन पर हमला कर दियों। गिबोनियों ने उनकी सहायता करबा के लिए यहोशू के पास एक संदेश भेजियों।
अतः यहोशू ने इस्राएलियों की सेना की ताई इकट्ठा कियों और गिबोनियों के पास पहुँचने के लिए वे पूरी रात चल्या। सुबह भोर मे वाने एमोरियों की सेना को चकित कर दियों और वापे पर हमलो कर दियों।
उ दिन परमेश्वर इस्राएलियों के लिए लड़ियो। उने एमोरियों को घबरा दियोंऔर उने बड़े-बड़े ओले गिरार बहुत सु एमोरियों को मार डालियों।
परमेश्वर न सूर्य ताई भी आकाश मे एक स्थान पर थमा दियों ताकि इस्राएलियों को पर्याप्त समय मिल जावे कि एमोरियों को पूरी तरह सु हरा दें। उ दन, परमेश्वर ने इस्राएलियों के लिए एक बड़ी विजय प्राप्त की।
जब परमेश्वर ने उन सेनाओं को हराबा के बाद, बहुत सा कनानी जाति के लोग इस्राएल पर हमला करबा के लिए इकट्ठा होया। यहोशू और इस्राएलियों ने हमला करके वाको सर्वनाश कर दियों।
इन युद्धों के बाद, परमेश्वर ने इस्राएल के प्रत्येक गोत्र को प्रतिज्ञा के उ देश मे वाके ताई भाग दियों। तब परमेश्वर ने इस्राएल को उकी सभी सीमाओं पर शान्ति प्रदान करी।
जब यहोशू बूढ़ा हो गया तो उन इस्राएल के सभी लोगा ताई की एक साथ बुलायों। तब यहोशू ने उन लोगा की ताई स्मरण करायो कि उन्होंने उ वाचा की पालन करबा की प्रतिज्ञा की छी जो परमेश्वर न उके साथ सीनै पर्वत पर बाँधी छी। वा लोगा न परमेश्वर क प्रति विश्वासयोग्य रहबा और उकी व्यवस्थाओं को पालन करबा को वादा करियों ।
यहोशू अध्याय 1-24 से एक बाइबल की कहानी
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