18. विभाजित राज्य
दाऊद राजा ने चालीस वर्षों ताई शासन कियों। तब वों मर गियों, और उके पुत्र सुलैमान ने इस्राएल पर शासन करनों आरम्भ कियों। परमेश्वर ने सुलैमान सु बात की और उसु पूछियों कि वों सबसु अधिक काई चावे छे कि परमेश्वर उके लिए करे। सुलैमान ने परमेश्वर सु माँगा कि वों उकों बहुत बुद्धिमान बना दे। ई बात ने परमेश्वर को प्रसन्न कियों, ईलिए परमेश्वर ने सुलैमान को संसार कों सबसु बुद्धिमान पुरुष बना दियों। सुलैमान ने बहुत सी बातों को सीखियों और वों एक बुद्धिमान शासक छों। परमेश्वर ने उकों बहुत धनवान भी बना दियों छों।
यरूशलेम में सुलैमान ने ऊ मंदिर को बनायों जिके लिए उके पिता ने योजना बनाई छी और सामान को इकट्ठों कियों छों। अब लोग मिलापवाला तंबू के बजाए मंदिर में परमेश्वर की आराधना करे छा और उके लिए बलि चढ़ाव छा। परमेश्वर आकर मंदिर में उपस्थित रेवे करे छा, और वों आपने लोगों के साथ वास करे छों।
परन्तु सुलैमान ने दूसरा देशों की ओरता सु प्रेम कियों। उने बहुत सी, लगभग 1,000 ओरता सु ब्याव करके परमेश्वर की अवज्ञा की! इमें सु बहुत सी ओरता पराए देशों सु आईं और आपने साथ आपने देवताओं को लाईं और वाकी उपासना करनोंजारी रखों। जद सुलैमान बूढ़ा हो गियों तो उने भी वाके देवताओं की उपासना की।
ई वजह सु परमेश्वर सुलैमान सु क्रोधित छों। उने की कि वह इस्राएल देश को दो राज्यों में विभाजित करबा के द्वारा उकों दंड देगों। वों सुलैमान के मरबा के बाद ऐसियों करेगों।
सुलैमान के मरबा के बाद, रहबाम राजा बनियों। इस्राएल देश के सब लोग उकों आपने राजा के रूप में स्वीकार करने के लिए एक साथ इकट्ठा होया। उन्होंने रहबाम सु शिकायत की कि सुलैमान ने वासु बहुत कठिन परिश्रम करवायों छों और बहुत सो कर वसूलियो छों। उन्होंने रहबाम सु अनुरोध कियों कि वासे कम काम करवाए।
परन्तु रहबाम ने वानको बड़ी ही मूर्खता सु जवाब दियों, "तुम कहते हो कि मेरे पिता सुलैमान ने थासु कठिन परिश्रम करवायो। परन्तु मैं थासु उसु भी अधिक कठिन परिश्रम करवाऊँगों, और मैं थाकोंको उसु भी अधिक पीड़ा करूँगों |”
जद मनखिया ने उकों ऐसा कहते सुना तो वानमें सु कइयों ने उके विरुद्ध बलवा कियों। दस गोत्रों ने उकों छोड़ दियों; उके साथ अब केवल दो गोत्र ही बचिया। ई दो गोत्रों ने स्वयं को यहूदा का राज्य कहों।
बाकी के दस गोत्रों ने यारोबाम नाम के एक पुरुष को आपनों राजा बना लियों। ये गोत्र देश के उत्तर-पूर्वी भाग में छा। उन्होंने स्वयं को इस्राएल कों राज्य कहों।
परन्तु यारोबाम ने परमेश्वर के विरुद्ध बलवा कियों और लोगों सु पाप करवायों। उने आपने लोगों के द्वारा उपासना करबा के लिए दो मूर्तियों को बनायों। वे अब यहूदा के राज्य में यरूशलेम में परमेश्वर के मंदिर में उकी आराधना करने के लिए नहीं गये।
यहूदा और इस्राएल के राज्य शत्रु बन गया और अक्सर एक दूसरे के विरुद्ध लड़बा लागिया।
इस्राएल के नए राज्य में, सारे ही राजा दुष्ट छा। ईमें सु कई राजा वानके स्थान पर राजा बनबा की चाह रखबा वाले अन्य इस्राएलियों के द्वारा मारे गिया छा।
इस्राएल राज्य के सारे ही राजाओं ने और अधिकतर लोगों ने मूर्तियों की उपासना की। जद उन्होंने ऐसियों कियों, तो वे अक्सर वेश्याओं के साथ सोए और यहाँ तक कि कई बार मूर्तियों के आगे बच्चों को बलि भी कियों।
यहूदा राज्य के राजा, दाऊद के वंशज छा। ई राजाओं में सु कई भले व्यक्ति छा जिन्होंने न्यायपूर्वक शासन कियों और परमेश्वर की आराधना की। परन्तु यहूदा के अधिकांश राजा दुष्ट छा। उन्होंने दुष्टता सु शासन कियों, और मूर्तियों की उपासना की। यहाँ तक कि इमें सु कुछ राजाओं ने झूठे देवताओं के आगे आपने बच्चों को भी बलि कर दियों। यहूदा के अधिकतर लोगों ने भी परमेश्वर के विरुद्ध बलवा कियों और अन्य देवताओं की उपासना की।
1 राजा अध्याय 1-6; 11-12 से एक बाइबल की कहानी
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