33. एक किसान की कहानी
एक दिन, यीशु झीला का किनार नजिक छ्या। और उक पास भौत भीड़ जामा हो जाछी, कि यीशुस नाव में बैठून पड़छो और सारी भीड़ झीला किनारा में ठड़ीना की छी। और वाँ लोगून सीखून लागछो।
और यीशु ले कहानी सुणाभेरन उनार दगाड़ भौत बात कर्यान, “एक किसान बी बुन खिन ग्योछ जब उ बी बुनमरेछ्यो, त थ्वाड़ा बी बाँट का किनार में पड़छो, और चिड़ियान ले आभेरन उनुस खा लीछ।“।
थ्वाड़ा बी पथरीली भूमि में पड़छो, और उन माँटाक कमीक कारण जल्दी जाम ग्या। और जब तेज घाम लागछ्य, तो उन सुखी ग्या, किलैकी उनार जाड़ गैल माँट में नी छ्या।
और थ्वाड़ा बी झाड़िन का बीच में पड़ीयान, और झाड़िन ले ठूलो हो भेरन उनुस दबै दीछ,
“और थ्वाड़ा बी निको भूमि में पड़छ, और यो बी जामियान और भौत सारा फल ल्यान, कोई सौ गुना, कोई साठ गुना, और कोई तीस गुना। जो कोई ले परमेश्वरा का पछिल चलून चांनान, उ यो बात स ध्यान द्यो जो मैं कुन मरेयू,।”
यो कहानी ले शिष्यून उलझन में डाल दीछ। येक कारण यीशु ले उको अर्थ यो छै, “बी बुनवालो किसान उक नियाती छै, जो परमेश्वरो को बचन बतूछो। जो बी बाँट का किनार में पड़ीना का छन, यो उन लोगून का नियाती छन, जब उनूनले परमेश्वरो को बचन सुणछ्य, पर जो बचन उनूनले सुणछ्य, शैतान तुरन्त आभेरन उनार मनून में भटे बचन स उठा ली जाछो।
उसीकैं जो “बी पथरीली भूमि में पड़ीयान, यो उन लोग नियाती छन जो बचन सुणिभेरन खुशी-खुशी मान्नान। लेकिन उन परमेश्वरा का बचन अपून मन में गहराई नै बढून दीना, और उन थ्वाड़ा बखत तलक विश्वास करनान, जब बचन का कारण ले उनूनमें दुख और कलेश उछो, तब उन जल्दी बचन में चलूनो छोड़ दीनान।”
जो बी निकी भूमि में पड़ीयान, यो उन लोगून की नियाती छन, जो बचन स सुणभेरन मान लीनान और उनार जीन्दगी निका परिनाम में रूकावट डालछी। और उक जीन्दगी में बचन कै काम नै कर पानो।
जो बी निकी भूमि में पड़ीयान, यो उन लोगून की नियाती छन, जो बचन स सुणनान, उमें विश्वास करनान, और फल ल्युनान।
मत्ती अध्याय 13:1-8, 18-23; मरकुस 4:1-8, 13-20; लूका 8:4-15 से एक बाइबल की कहानी
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