35. दयालु पिता की कहानी

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 1

एक दिन, यीशु उ बहुत सेय लोग केय शिक्षा देय रहल रहेय जेय वोकर सुनय केय लिये जमा भेल रहेय| इ लोग चुंगी लेय वाला आरो साथ ही दोसर लोग भी रहेय जेय नें मूसा केय व्यवस्था केय पालन करेय केय प्रयास नायं करनें रहेय|

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 2

कुछ धार्मिक अगुवा नें देखल केय कि यीशु इ लोग सेय एक मित्र केय समान बात करेय रहेय| यहे लिये उ नें एक दूसरे सेय इ कहयलेय सुरू केरदेलकेय कि उ गलत करेय रहेय|। यीशु नें वोकरा बात करते सुन लेलकेय,यहेलिये उ नें वोकरा इ कहानी बतेल केय|

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 3

एक आदमी रहेय जेकर दुई गो बेटा रहेय|छोट बेटा नें आपन बाप सेय कहलकेय 'हे पिता,हमरा अभी हमर हिस्सा चाहि!’ अतः पिता नें आपन दोनों बेटा केय बिच मेन्य आपन सम्पति केय बट्बारा केर देलकेय|’’

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 4

तुरंत ही छोटका बेटा आपन सब कुछ इकट्ठा केर केय दूर देश केय चेल गेलेय आरो पापी जीवन जिये मेन्य आपन सब धन केय बर्वाद केर देल्केय|

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 5

ऐकर बाद जहाँ छोटका बेटा रहेय उ देस मेन्य एक भयंकर अकाल परलेय आरो वोकर पास खाना खरीदेय केय लिये धन नायं रहेय| यहे लिये वोकरा जेय काम मिललेय उ सूअर केय चराबेय बाला रहेय| उ ऐतना दुखी आरो भूखल रहेय कि उ सूअर केय खाना खाय लेय चाहय रहेय।"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 6

"आखिरकार, उ छोटका बेटा नायं खुद सेय कहलकेय हम कि केईर रहल छिये? हमर बाप केय सब सेवक केय पास खाय लेय बहुत सेय छेय फेरो हम यहाँ भूखल मोईर रहल छिये| हम आपन पिता केय पास वापस चेइल जेइबेय आरो आपन पिता केय एक सेवक बनेय केय लिये वोकरा सेय विनती करबय।'"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 7

अतः उ छोट बेटा नें वापिस आपन पिता केय घोर केय तरफ जाय लेय शुरू कर्लेकेय| जबकि उ अभी दूर मेन्य हि रहेय वोकर पिता नेय वोकरा देखलकेय आरो वोकरा पर तरस खइल केय| उ दौड़ केय आपन बेटा केय पास गेलेय आरो वोकरा गला लगाय केय चुमले केय।"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 8

उ बेटा नें कहलकेय, 'हे पिता हम नें परमेश्वर केय ओर तोहर विरुद्ध पाप करने छियो| हम तोहर बेटा कहलावय केय लायक नायं छिये।'"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 9

लेकिन पिता नें आपन एक सेवक सेय कहलकेय,तुरंत जाई केय सबसे अच्छा कपरा लेय केय या आरो हमर बेटा केय पहना! वोकर उंगली मेंन्य अंगूठी आरो गोर मेन्य जूता पहना| फेरो सबसे अच्छा बछरा केय मार ताकि हम खइबेय आरो उत्सव मनाइबेय,किया कि हमर बेटा मोईर गेल रहेय, लेकिन अब उ जीवीत छेय! उ हराय गेल रहेय लेकिन आब हमें वोकर पाय लेले छिये!'"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 10

यहे लिये लोग नें उत्सव मनावय लेय सुरु केईर देलकेय| कुछ देर केय बाद बड़का बेटा खेत मेन्य सेय काम केर केय घोर आपस अइलेय तेय| उ नें गाना आरो नाचय केय आवाज केय सुनलेकेय आरो अचम्भित होय गेलय कि इ कि होय रहल छेय|

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 11

"जब बडका बेटा केय पता चललेय कि उ यहे लिये उत्सव मनाय रहल छेय किया कि वोकर भाय घोर आयगेल रहेय,तय उ बहुत गोस्साय गेलेय आरो उ घोर मेन्य दाखिल नायं भेलेय| वोकर बाप बहार आय केय वोकरा सेय वोकर साथ उत्सव मनावय केय निवेदन करलकेय,लेकिन उ नें मना केर देलकेय|

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 12

उ बरका बेटा नें आपन बाप सेय कहलकेय इ सब साल मेन्य हम्मे तोरा लिये निष्ठापूर्वक काम करनें छिये! केहीओ तोहर बात केय नायं टाललियो,लेकिन कभी तोंय हमरा एक छोटका बकरी भी नायं देलीह ताकि हम्मे आपन दोस्त केय साथ दावत केईर सकिये लेकिन तोहर इ बेटा नें तोहर धन केय पापी काम करेय मेन्य बर्बाद केर देने छोय आरो जब आब उ आईल छेय तय वोकरा लिये उत्सव मनावय केय लिये तोयं सबसे अच्छा बछरा केय मायर देलीह!'"

35. दयालु पिता की कहानी — चित्र 13

बाप नें जवाब देलकेय,हे हमर बेटा तोयं हमेसा हमर साथ मेन्य छि,आरो जेय कुछ हमर छिये उ सब तोहर छियो| लेकिन हमरा लिये उत्सव मनाना सही छेंय किया कि तोहर भाय मोयर गेल रहो,लेकिन आब उ जिंदा छेय| उ हेराय गेल रहेय लेकिन आब हमें वोकरा पाय लेले छिये!'"

लूका अध्याय 15:11-32 से एक बाइबल की कहानी

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