26. यीशु अपन सेवा सुरु करे करत हें
शैतान के परीक्षा का मना करे के बाद, यीशु वापस गलील के क्षेत्र म आयँ। यहे व जगह आय जहाँ ऊँ रहत रए हें। पवित्र आत्मा उन्हीं बहुत सामर्थ देत रए हें, अऊ यीशु एकठे जगह से दूसर जगह म गें अऊ मनईन क शिक्षा दईन। सब कोऊ उन्खर बारे म अच्छी बात कहीन।
यीशु पढ़ीन, "परमातिमा मोही अपन आत्मा दईन हीं ताकि मैं कंगालन म सुसमाचार प्रचार कर सकों। ऊँ मोही एखे लाने भेजीन हें कि कैदिन क स्वतंत्र करों, अंधन क फेर से दृष्टि प्रदान करों, अऊ
उन्हीं छुटकारा दों जिनहीं दूसर मनई कुचरत हें। य वहे समय आए जब परमातिमा हमरे ऊपर कृपालु होहीं अऊ हमर सहायता करहीं ।"
फेर यीशु बैठ गें । सब मनई उसे बड़े ध्यान से देखत रए हें । ऊँ जानत रए हें कि पवित्रशास्त्र के जऊन भाग व अबहूँ पढ़त हें व मसीह के बारे म रओ ह। यीशु कहीन, "जऊन बात मैं अबहूँ तुम्हरे लाने पढ़े हों, ऊँ य समय घटत हें।" सब मनई चकित रए हें। ऊँ कहीन, "का य यूसुफ के बेटबा न हो?"
तब यीशु कहीन, "य सही बात आए कि मनई कोऊ अइसे भविष्यद्वक्ता क कबहूँ स्वीकार नई करां जऊन उनखे नगर म पलो-बढ़ो रहत ह। एलिय्याह भविष्यद्वक्ता के समय म, इस्राएल म बहुत सारा विधवा रई हीं। पर जब साढ़े तीन साल तक बारिश नई भ त परमातिमा एलिय्याह क इस्राएल म कोनो विधवा के सहायता करे के लाने नई भेजिन। एखे बजे, ऊँ एलिय्याह क कोनो दूसर देश के विधवा के पास भेजिन।"
यीशु बोलत ही रहिगें, "अऊ एलीशा भविष्यद्वक्ता के समय म, इस्राएल म बहुत से मनई चमड़ी के रोग से पीड़ित रए हें । पर एलीशा उनमन से कोनो क भी चंगा नई करीस। व केवल इस्राएल के शत्रुन के सेनापति नामान क चंगा करीस।" पर जऊन मनई यीशु क सुनत रए हें ऊँ यहूदी रए हें । एहीसे जब ऊँ उन्हीं य कहत सुनिन त ऊँ उनखे ऊपर गुस्सा होईगें।
नासरत के मनई यीशु क पकड़ लईन अऊ ओही आराधना के जगह से घसीट के बाहर लई गें। ऊँ उनही मार डाले के लाने नीचे फँइके क एकठे चट्टान के सिरा म लई गें। पर यीशु भीड़ म से निकल गें अऊ नासरत नगर क छोड़ के चलो गें ।
फेर यीशु सगला गलील के क्षेत्र म गें, अऊ बड़ा भीड़ उनखर पास आ गई। ऊँ अइसे बहुत से मनईन क लइके आएँ जऊन बीमार अऊ विकलांग रए हें । उनमन से कुछ देख, चल, सुन या बोल नई सकत रए हें, अऊ यीशु उन्हीं चंगा करीन।
एखे अलावा, बहुत से अइसे मनई यीशु के पास लाय गें जेमा दुष्टात्मा रई हीं। यीशु दुष्टात्मन क उनमन से निकल जायँ के आदेश दईन। ऊँ दुष्टात्मा हमेशा चिल्लात रए हें, "ते परमातिमा के बेटबा हस!" भीड़ के मनई चकित रए हें, अऊ ऊँ परमातिमा के स्तुति करीन।
फेर यीशु बारह आदमी क चुनिन जिनहीं ऊँ अपन प्रेरित कहीन। ऊँ प्रेरित उनखर साथ यात्रा करीन अऊ उनखर से शिक्षा लईन।
मत्ती अध्याय 4:12-25; मरकुस 1:14-15, 35-39; 3:13-21; लूका 4:14-30, 38-44 से बाइबल की एक कहानी ।
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