35. दयालु बाप के कहानी
एक दिन, यीशु ऊँ बहुत से मनईन क शिक्षा देत रए हें जऊन उन्खर सुने के लाने एकट्ठा भ रए हें । य मनई चुंगी ले वाले अऊ साथ ही दूसर मनई भी रए हें जऊन मूसा के व्यवस्था के पालन करे के प्रयास नई करे रए हें ।
कुछ धार्मिक अगुवा देखिन कि यीशु ईं मनईन से एकठे मित्र के समान बात करा थे । एहिसे ऊँ एक दूसरे से य कहा का आरम्भ कर दईन कि व गलत कर रए हें । यीशु उनही बात करत सुनिन, एहीसे व उनही य कहानी बताईन ।
"एकठे मनई रओ ह जेखे दूट्ठे बेटबा रए हें । छोट बेटबा अपन बाप से कहीस, 'हे बाप, मोही अभी मोर हिस्सा चाहि!' तब बाप अपन दोनों बेटबन के बीच म अपन सम्पत्ति के बँटवारा कर दईस ।"
"जल्दी से ही छोट बेटबा अपन सब कुछ एकट्ठा करके दूर देश क चलो गा अऊ पापी जीवन जीएं म अपन सारा धन क बर्बाद कर दईस ।"
"एखे बाद, जहाँ छोट बेटबा रओ ह व देश म एकठे भयंकर अकाल पड़ो, अऊ ओखे पास भोजन खरीदा के लाने धन नई बचो । एसे ओही जऊन काम मिलो व सूअरन क चरामा क रओ ह । व एतना दुःखी अऊ भूखा रओ ह कि व सूअर के भोजन खाएं क चाहत रओ ह ।"
"आखिरकार, व छोट बेटबा खुद से कहीस, 'मैं का कर रहे हों? मोर बाप के सब सेवकन के पास खाएं के लाने बहुतायत से हबा, फेर भी मैं यहाँ भूख से मर रहे हों । मैं अपन बाप के पास वापिस जइहों अऊ अपन बाप का एकठे सेवक बने के लाने ओसे विनती करिहों ।'"
"तब व छोट बेटबा वापिस अपन बाप के घर के तरफ जाए क आरम्भ करीस । जबकि व अबहूँ दूर म ही रओ ह, वाखर बाप ओही देख के ओखे ऊपर तरस खाईस । व दऊड़ के अपन बेटबा के पास गा अऊ ओही गला से लगा के चूमिस ।"
"व बेटबा कहीस, 'हे बाप, मैं परमातिमा के अऊ तोर विरुद्ध पाप करे हों । मैं तोर बेटबा कहलामा के लायक भी नई हों ।'"
"पर बाप अपन एकठे सेवक से कहीस, 'जल्दी जाके सबसे अच्छा कपड़ा लईके आ अऊ मोर बेटबा क पहीना! ओखे उंगली म अंगूठी अऊ ओखे पैर म जूता पहीना। फेर सबसे अच्छा बछड़ा मार ताकि हम खई अऊ उत्सव मनई, कहेसे की मोर बेटबा मर गा रओ ह, पर अब व जिन्दा होई ग ह ! व खो गा रओ ह, पर अब हम ओही पा लए हन !'"
"एहीसे मनई उत्सव मनामा क आरम्भ करीन । कुछ समय बीते के बाद, बड़ा बेटबा खेत म काम करके घर आओ । व संगीत अऊ नाच के आवाज क सुनीस अऊ अचम्भित भ कि य का हो रहो ह ।"
"जब बड़ा बेटबा क मालूम भ कि ऊँ कहे के लाने उत्सव मना रहे हें कहेसे कि वाखर भाई घर आ गा रओ ह, त व बहुत गुस्सा होई गा अऊ घर म दाखिल नई भ । वाखर बाप बाहर आके ओसे उनखे साथ उत्सव मनामा के लाने निवेदन करीस, पर व मना कर दईस ।"
"व बड़ा बेटबा अपन बाप से कहीस, ' सारा ईं सालन म मैंने तोर लाने निष्ठापूर्वक काम कर्यों ! कबहूँ भी तोरे बात क नई टाले हों, पर ते कबहूँ मोही एकठे छोटी बकरी भी नई दये ताकि मैं अपन मित्रन के साथ दावत कर सकों । पर तोर य बेटबा तोर धन क पापी काम करे म बर्बाद कर दईस । अऊ अब जब व आओ ह त ओखे लाने उत्सव मनामा क ते सबसे अच्छा बछड़ा क मार डाले !'"
"बाप जवाब दईस, 'हे मोर बेटबा, ते हमेशा मोर साथ हस, अऊ जऊन कुछ मोर ह व सब तोर आए । पर हमरे लाने उत्सव मनामा सही ह कहेसे की तोर भाई मर गा रओ ह, पर अब व जिन्दा होई गा ह । वह खो गा रओ ह, पर अब हम ओही पा लए हन !'"
लूका अध्याय 15:11-32 से बाइबल की एक कहानी ।
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