7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 1

जब उ बेटा बड़ियार भईले त याक़ूब के घरे रहल ठीक लागल, लेकिन एसाव के जानवरन के शिकार कईल भवलस | रिबका याक़ूब से लगाव रखली, लेकिन इसहाक एसाव से लगाव रखले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 2

एक दिन जब एसाव शिकार कके वापस अईले त ऊ बहुत भूखाईल रहले | एसाव याक़ूब से कहले, जेवन तू पकईले बाड़ा ओमे से तनी सा भोजन हमके देदा | याक़ूब जबाब दिहले, “पहिले हम से ई वादा करा की बड़ होखला के कारन से हर चीज मे जेवन तोहके मिले वाला रही, ऊ सब तू हमके देबा | एह प्रकार से एसाव उ सब चीज के देवे के वादा कईले | तब याक़ूब उनके कुछ भोजन दिहले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 3

इसहाक एसाव के आशीर्वाद देवल चाहत रहले |लेकिन एसे से पहिले की ऊ एसईन करीहे की, रिबका औरी याक़ूब के एसाव बने के ढोंग कके ओकरी साथ धोका कईले | इसहाक बुढ़ हो गइल रहले औरी अब उनके ना लऊके एहीसे याक़ूब एसाव क कपड़ा पहिन के औरी बकरी क खाल के अपनी गरदन मे औरी हाथ मे लपेट लिहले

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 4

याक़ूब इसहाक के पास अईले औरी कहले, की हम एसाव हई | हम एसे अईनी ह कि तू हमके आशीर्वाद द | जब इसहाक बकरी के बाल के महसूस कईलन औरी कपड़ा के सुंघने,त ऊ सोचने कि ई एसाव हवे | औरी उनके आशीर्वाद दे दिहले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 5

एसाव याकूव से जलन कईले कि काहे से कि याक़ूब उनकरी पहिला बेटा क अधिकार औरी साथ मे ओकर आशीर्वाद के भी चुरा लिहले रहले | तब ऊ उनकरी के पिता के मूअला कि बाद याक़ूब के मार देवे क योजना बनईले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 6

लेकिन रिबका एसाव कि योजना के सुन लिहली | एहीसे ऊ औरी इसहाक याक़ूब के उनकरी रिसतेदार के साथ रहे खातिर बहुत दूर भेज लिहले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 7

याक़ूब कई वरिष तकले रिबका कि रिसतेदारी मे रहले | ओहि समय कि बीच मे वियाह कईलन, औरी उनकर बारह गो बेटा औरी एगो बेटी भईल | परमेश्वर उनके बहुत अमीर बना दिहले |

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बीस वरिस तक कनान मे अपनी घर से दूर रहला कि बाद, याक़ूब अपनी परिवार, अपन सेवक, औरी अपनी जानवरन के कुल झुंड के साथ वापस लउट गईले |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 9

याक़ूब एहीसे बहुते डेराईल रहले | काहे से की ऊ ई सोचत रहले की एसाव अबो भी हमके मार डाले चाहत बाड़े | एहीसे ऊ उपहार के रूप मे जानवरन के झुंड के एसाव के पास भेजले | जेवन सेवक ओ झुंड के लेके गइल रहले | उलोग कहले, तोहार दास याक़ूब, ई जानवरन के तोहके देत बाड़े | ऊ जल्दी से आवत बाड़े |

7. परमेश्वर याकूब के आशीर्वाद देने | — चित्र 10

लेकिन एसाव अब याक़ूब के नुकसान ना कईल चाहत रहले | एकरी बदले, ऊ उनके एक बार फिर से देख के बहुत खुश भईले | ओकरी बाद याक़ूब कनान मे शांति से रहे लगले | फिर इसहाक मर गईले औरी याक़ूब औरी एसाव उनके दफनईले | वादा क बंधन जेवन परमेश्वर अब्राहम से कईले रहले | उ अब इसहाक से याक़ूब पर आ गइल |

उत्पत्ति अध्याय 25:27-35:29 से एक बाइबल की कहानी

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