26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 1

शैतान की परीक्षा को इंकार करने के बाद, यीशु वापस गलील के क्षेत्र में आइस। या वाच जागा आय जहाँ हु रहत होतीस। पवित्र आत्मा ओको बहुत शक्ति देत होतीस, अऊर यीशु एक जागा से दूसरे जागा को गइस अऊर लोगनाऊन को शिक्षा देइस। सप्पाई लोग ने ओके बारे में सजारी बात कहीन।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 2

यीशु नासरत नगर में गइस। यो हु गाँव आय जहाँ हु अपने बालकपन में रहत होतीस। सब्त के दिन, हु आराधना करन के जागा पे गइस। अगुवानाऊन ने ओको यशायाह भविष्यद्वक्ता के संदेश की एक किताब देइन। ही चाहत होतीन कि हु ओके में से पढ़े। एकेगुना यीशु ने वा पुस्तक को खोलके ओके एक भाग को लोगनाऊन के गुना पढीस।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 3

यीशु ने पढीस, "परमेश्वर ने मोको अपनो आत्मा दिइस हय ताकि मय गरीब लोगनाऊन को सुसमाचार प्रचार कर सकूँ। ओने मोको एकेगुना भेजिस हय कि कैदि को आजाद करूँ, अंधरे लोगनाऊन को दुभारा से ज्योति देऊँ, अऊर हुनको छुडाऊँ दूँ जिनको दूसरे लोगनाऊन कुचल रहीन हत। यो हु समय आय जब परमेश्वर हमारे पे दया करे अऊर हमारी मदत करे।"

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 4

तब यीशु बैठ गइस, सप्पाई लोग ओको बड़े ध्यान से देखत होतीन। ही जानत होतीन कि पवित्रशास्त्र को जो भाग ओने अभी पढ़े होतीस, हु मसीह के बारे में होतीस। यीशु ने कहिस, “जोबात मेयने अभी तुमारे गुना पढ़ेय हम ही या समय घटरही हय, सप्पाई लोग चकित होतीन। हुनने कहिन, “का यो युसूफ को टूरा नोहय?”

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 5

तब यीशु ने कहिस, "यो सही हय कि लोग कोई असे भविष्यद्वक्ता को कभी स्वीकार नी करत जो हुनके नगर में पलीस-बढीस होये। एलिय्याह भविष्यद्वक्ता के समय में, इस्राएल में कई सरी विधवा बाई होती। पर जब साढ़े तीन साल तक बारिश नी भइ तो परमेश्वर ने एलिय्याह को इस्राएल में कोई विधवा की मदत करन के गुना नी भेजिस। एके बजाए, ओने एलिय्याह को किसी कोई दुसरे देश की विधवा के जवर भेजिस।"

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 6

यीशु ने बोलना शुरू रखीस, "अऊर एलीशा भविष्यद्वक्ता के समय में, इस्राएल में कई लोग चमड़ी के रोग से बीमार होतीन। पर एलीशा ने हुनके में से कोई को भी साजरो नी करीस। ओने सिरिफ इस्राएल के दुश्मननाऊन के सेनापति नामान को साजरो करीस।" पर जो लोग यीशु को सुनत होतीन ही यहूदी होतीन। एकेगुना जब हुनने ओको यो कहत सुनीन तो ही ओको पे गुस्सा भइन।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 7

नासरत के लोगनाऊन ने यीशु को पकड़ लेइन अऊर ओको आराधना के जागा से घसीट के बाहर ले गइन। ही ओको मार डालन के गुना खुल्ले फेंकन को एक चट्टान के ऊपर ले गइन। पर यीशु भीड़ में से निकल गइस अऊर नासरत नगर को छोड़के चलो गइस।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 8

फिर यीशु पुरे गलील के क्षेत्र में गइस, अऊर बड़ी गर्दी ओके जवर लाये गइन। ही असे बहुत से लोगनाऊन को लेयके आइन जो बीमार अऊर विकलांग होतीन। हुनके में से कई देख, चल, सुन या बोल नी सकत होतीन, अऊर यीशु हुनको साजरो करीस।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 9

एके अलावा, कइ असे लोग यीशु के जवर लाये गइन जिनके में भूत होतीस। यीशु ने भूतनाऊन को हुनके में से निकल जान को हुकूम देइस। ही भूतनाऊ हमेशा चिल्लात होतीन कि, "तू परमेश्वर का टूरा आस!" गर्दी के लोग चकित भइन, अऊर हुनने परमेश्वर की बढ़ाइ करीन।

26. यीशु अपनी सेवा शुरू करते — चित्र 10

फिर यीशु ने बारह मानुषनाऊन को चुनीस ओने हुनको अपने प्रेरित कहिस। ही प्रेरितनाऊन ने हुनके संग यात्रा करीन अऊर ओके शिक्षा पाइन।

मत्ती अध्याय 4:12-25; मरकुस 1:14-15, 35-39; 3:13-21; लूका 4:14-30, 38-44 से बाइबल की एक कहानी

रीडर में पढ़ें

खुले लाइसेंस (CC BY-SA 4.0) के अंतर्गत उपयोग करने, बदलने और साझा करने के लिए निःशुल्क।