49. ४९. परमेश्वर के नभका वाचा
एकटा स्वर्गदूत एक जवान स्त्री मरियम के कहलनि जे ओ परमेश्वर के पुत्र के जनम देतीह। ओ तखन कुमारिये छलीह, मुदा पवित्र आत्मा हुनका लग आएलाह के बाद ओ गर्भवती भेलीह। ओ एकटा पुत्र के जनम देलीह जेकर नाम ओसभ यीशु रखलनि, यीशु परमेश्वर आ मनुष्य दुनु अछि।
यीशु बहुतेक चमत्कार कयलनि जे देखाबय जे ओ परमेश्वर अछि। ओ पानी पर चललखिन्ह आ आँन्हर बिहाइर के शान्त कयलखिन्ह। ओ बहुत बीमार के चंगा कयलखिन्ह आ बहुतेक लोसभ मे सँ दुष्टात्मासभ के निकालखिन्ह। ओ मरल सभके जीबित कयलखिन्ह, आ ओ पाँच रोटी आ दु माँछ सँ ५००० लोकसभ के खुऔलखिन्ह।
यीशु एक महान शिक्षक सेहो छलखिन्ह। जे किछु ओ सिखौलखिन्ह, ओ ओहि के सिद्धता के संग सिखौलखिन्ह। जे बात ओ लोकसभ के करएलेल कहलखिन्ह जे ओकरासभ के करबाक चाही किएक तऽ ओ परमेश्वर के पुत्र छथिन्ह। उदाहरणक लेल, ओ सिखौलखिन्ह जे अहाँसभके आओर लोकसभ के ओहने प्रेम करय के आवश्यक्ता अछि जेना अहाँ अपने आप के प्रेम करैतछी।
ओ इहो सिखौलखिन्ह जे अहाँसभ के सभ किछु सँ बेसी अपन सम्पत्ति सँ सेहो बेसी परमेश्वर सँ प्रेम करबाक चाही।
यीशु कहलखिन्ह जे संसार मे कोनो चिज के प्राप्त करवा सँ बेसी नीक अछि परमेश्वर के राज्य मे रहनाई। हुनकर राज्य मे अहाँ सभ के प्रवेश करबाक आवश्यक्ता अछि जे परमेश्वर अहाँके पापसभ सँऽ बचाबए।
यीशु कहलखिन्ह जे किछु लोक हुनका ग्रहण करतै। परमेश्वर हुनकासभके बचौतैनि। मुदा किछु लोकसभ हुनका ग्रहण नहि करतैक। ओ इहो कहलखिन्ह जे किछु लोक असल जमीन के समान अछि, किएक तऽ ओसभ यीशुक बारे मे शुभ संदेश स्वीकार कऽ लैत अछि, आ परमेश्वर हुनकासभके बचाबैत अछि। मुदा किछु लोकसभ बाट वला कठोर जमीन जँका अछि। परमेश्वर के वचन बीया जँका बाट पर गिड़ल, मुदा ओत किछु नहि जन्मल। ई लोकसभ यीशु के बारे मे शुभ संदेश अस्वीकार कदैत अछि। ओ हुनकर राज्य मे प्रवेश करए सँ इन्कार कदैत अछि।
यीशु सिखौलनि जे परमेश्वर पापी सभ सँ बहुत प्रेम करैत अछि। ओ हुनकासभके क्षमा करए चाहैत अछि आ हुनका सभके अपन संतान बनाबए चाहैत अछि।
यीशु इहो बतौलन जे परमेश्वर पाप सँ घृणा करैत अछि। किएक तऽ आदम आ हव्वा पाप कएनेछल, एहिलेल ओकर सारा वंश सेहो पाप कयलक आ परमेश्वर सँ दूर अछि। हरेक एक जन परमेश्वर के शत्रु अछि।
मुदा परमेश्वर एहि संसार मे रहयवला हरेक एक जन सँ एना कऽ प्रेम कयलनिः ओ अपन एकलौता पुत्र के दऽ देलखिन्ह ताकि परमेश्वर हुनकासभके दण्ड नहि दैए जे हुनका पर विश्वास करैय। बल्की ओसभ हुनका संग सदाकेलेल रहत।
अहाँसभ मरय के योग्य छी, किएक तऽ अहाँ पाप कएने छी। अहाँसभ सँ परमेश्वर क्रोधित होएब तऽ उचित अछि, एकर बदला ओ यीशु पर क्रोधित भेलाह। ओ यीशु के क्रुस के मृत्यु दकए दण्ड देलखिन्ह।
यीशु कहियो पाप नहि कयलखिन्ह, मुदा ओ परमेश्वर के हुनका दण्ड दिअ देलखिन्ह। ओ मरि जायब स्वीकार कयलखिन्ह। एहि तरहेँ, अहाँसभक पापसभ के आ एहि संसार मे रहयवला हरेक एक जन के पापसभ के उठाकऽ लजयबाक लेल ओ एक सिद्ध बलिदान छलखिन्ह। यीशु स्वयं परमेश्वर के लेल बलिदान कदेलखिन्ह। एहिलेल परमेश्वर कोनो पाप के, एत धरि जे भयंकर पापसभ के सेहो क्षमा करैत अछि।
भले ही अहाँ नीक काज करैत होबए, एहि द्वारा परमेश्वर अहाँक नहि बचाएत। हुनकर मित्र बनएलेल एहन किछु नहि अछि जे अहाँ कऽ सकी। एहि के बदला, अहाँक विश्वास करए के अछि जे यीशु परमेश्वर के पुत्र छथि, आ ओ अहाँक बदली क्रुस मे मरिगेलाह, आ इहो जे परमेश्वर हुनका फेर सँ जीवित कऽ देलखिन्ह। यदि अहाँ एहि बात पर विश्वास करब तऽ परमेश्वर अहाँक पापसभ के क्षमा देथिन्ह।
परमेश्वर ओकरासभ के बचौतैनि जे यीशु पर विश्वास करैत अछि आ हुनका अपन प्रभु स्वीकार करैत अछि। मुदा ओ ओकरासभ के नहि बचौतैह जे हुनका पर विश्वास नहि करैत अछि। ई कोनो मतलब नहि रखैय जे अहाँ कतेक धनिक छी या गरीब, पुरुष छी या स्त्री, बुढ़ छी या जवान, वा अहाँ कत रहैछी। परमेश्वर अहाँ सँ प्रेम करैत अछि आ ओ चाहैत अछि जे अहाँ यीशु पर विश्वास करी जे ओ अहाँ के मित्र बनि सकय।
यीशु अहाँ के बजावि रहल अछि जे हुनका पर विश्वास करु आ बपतिस्मा लिय। की अहाँ विश्वास करैत छी जे परमेश्वर के एकलौता पुत्र, यीशु ए मसीह छथि? की अहाँ विश्वास करैत छी? की अहाँ पापी छी की आइ अहाँ परमेश्वर द्वारा दण्डित कयल जाय के योग्य छी? की अहाँ विश्वास करैत छी जे अहाँके पापसभ के मेटाबए यीशु क्रुस पर मारल गेलाह?
यदि अहाँ यीशु पर आ जे ओ अहाँकेलेल कयलखिन्ह ओहि पर विश्वास करैत छी, तऽ अहाँ एक मसीही छी! शैतान ओकर अंधकार के राज्य मे आ अहाँ पर शासन नहि करैत अछि। आब परमेश्वर अपन ज्योति के राज्य मे अहाँ सभ पर शासन करैत छथिन्ह। ओ अहाँके पाप करय सँ रोकि देने छथि जे अहाँ करैत छलौ। ओ अहाँ के एकटा नभका, उचित जीवन देने अछि।
यदि अहाँ एक मसीही छी तऽ जे यीशु कयने अछि ओहि के कारण परमेश्वर अहाँ के पापसभ के क्षमा कदेने अछि। आब, परमेश्वर एगो शत्रुके बदला अहाँ के एक घनिष्ठ मित्र मानैत अछि।
यदि अहाँ परमेश्वर के मित्र छी आ प्रभु यीशु के सेवक छी तऽ अहाँ ओहि बात के पालन करय के इच्छा करबए जे यीशु अहाँ के सिखाबैत अछि। भले अहाँ एक मसीही छी, शैतान एखिनो पाप करयलेल अहाँक परीक्षा करत। मुदा परमेश्वर सभदिन ओ करत जे कहैत अछि जे ओ करत। ओ कहैत अछि जे यदि अहाँसभ अपन पापसभ के मानिलेबए तऽ ओ अहाँक क्षमा कऽदेथिन्ह। ओ अहाँ के पाप के विरुद्ध लड़बाक सामथ्र्य देथिन्ह।
परमेश्वर अहाँक प्रार्थना करय आ हुनकर वचन पढ़य के लेल कहैत अछि। ओ अहाँक अन्य विश्वासीसभक संग मिलकय हुनक आराधना करयलेल कहैत अछि अहाँके आओर लोक के बतएबाक अछि जे ओ अहाँक लेल कि कयने छथि। यदि अहाँ ई सभ काजसभ करबै तऽ अहाँ हुनकर एकटा पकिया मित्र बनि जाएब।
रोमी ३:२१–२६; ५:१–११; यूहन्ना ३:१६; मरकुस १६:१६; कुलुस्सि १:१३–१४; २ कुरिन्थि ५:१७–२१;१ यूहन्ना १:५–१० सँ बाइबलक एकटा कथा
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