32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 1

एक दन, येशु आणि हिना सोपती जहाज म बेसीन गरसेकर देशम रहु कव्या ओ देशम म गया।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 2

जहाज न चालू कव्यी तो एक आदमी नाशीन आयो।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 3

आ आदमी आवडू पहेलवान थू की यो कोईन भी उपाडीन फेकीसकन लोकू ये हिना हात आणि गोंडया साखली ती बाधीदीदा यो आदमी यो साखली न तोड़ा न प्रयत्न करत।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 4

यो आदमी एक कबरम रह करू, तो यो रात आणि दनम मोठे ती चीकर तूथू यो हिना अंगपर कपड़ा कोनी धाल व हिनू आग पुरू खरदुडू हुईग यूथु जसुकी हेई हिना अंग न भनरेती ठेशी राखू थू आम दीखनु थू।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 5

तध यो आदमी येशु कन आयू तध येशु ना आगल यो आदमी ये घुटन्या टेकी लीदा। येशु ये शैतानी आत्मान बोल्यू, “या आदमी मय ती बाहेर निकल।’’

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 6

शैतानी लोक यो आदमीना शरीर माहिती चिकरु कर, “बराबर देवनू लडकू येशु तू वचम सीन पडत म तारा हात जोडून तू मन हात नको लगाड़।’’ तध येशु शैतानी आत्मा विचारु, तारु नाम सुछ? तो उत्तर धीदु की मारू नाम सेना छ, कारण हाम घना वर्षसनी छे। (लीजन आ आदमी लोकू हजारों सेनाना गट म था)

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 7

यो खराब आत्म न येशु विनती करू, “कर तू मारा पर उपकार कर की हामन आ शरीर मती काठ नको,’’ तो तध हिन दिखू की हिना सेजार नी टेकडी पर डुकर नो खड चरु कय्यों म्हणजे शैतान विनती करी, “कृपा हामन डुकरम घाल, येशु ये बोलू की जा।’’

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 8

तध यो शैतान यो आदमी मयना शैतान डुकर म घुसी गया। तध यो डूकर ढेकड़ा परती रडकी गया, तध यो डूकर समुद्र डूबी गया यो डूकर नो खाड़ 20 सनो थो।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 9

यो देखिन डूकर नाशीन धावत नगर म गया त जो योहा यो धीगानो हूदयो त येशु ये सु करू यो झना बोलू कर तध नगर म लोकू आईन यो भूत आदमी म देखया त शांत ती बेसी गयो अंग पर कपड़ा घालेला व ए सब सामान्य वागनुक करनारू आदमी सारखू आम हिये देखू ।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 10

यो देखी लोकू घना घबाराई गया हिये येशु ये हिन बोलू की तू आ जगा सोडीद तध येशु जहाज म जावान तयार हुयी गयो जो आदमी ना शरीर म भूत था, यो आदमी ये बोलू की येशु म भी तुम्हारा केड आवू ।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 11

तध येशु ये बोलू की, “तू तारा घर जा व आपना सोपती आणी घर परिवार म सबन बोल से के देव ये तारा वासत सु करू आणी तारा पर शीनी दया देखाली की।’’

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 12

तध यो आदमी निकल्यो व देव ये हिना पासतर सु करू ही सा कक्ष सबन लोकून धकी बेसो गयो सबन लोकू नवलशीरीती देखू कय्या।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 13

येशु आग गयो यो योहा पोहच्यावर, सबन लोकू आग पाछल जमा हुई गया यो सबन झनाम बारा वरसती एक बाई हिना आग परती रगकत जावू कायू यो बीमारी थी हिन हिये सब देखू देव धाप्रा देखा पर चांगली कोणी हुथी हिनी परिस्थिति घनी वाईट छी।

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 14

हिये आय कयु थू की येशु ये घना लोकुन चागला कय्या करीन हिये बोलू, “मन विश्वास छ की जर मीये एक डाव येशूना कपड़ान हात लगा यो तो म चागली हूईस।’’ करीन तो हिये येशूना पाछल जाईन हिना कपड़ान हात लगायो हिये हात लगाया बर हिनू रगका थाबी गयु थू ।

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ताबकनोड, येशुन वाटू की मन मारा शरीर मयती सामर्थ गयु की करीन येशु ये पाछल फिरी देखू, “त बोलू की मन हात कीये लगायो?’’

32. येशु एक भूत घुशेला आदमीन अन बीमार बाई चांगली करच — चित्र 16

हिना सोपनी ये उत्तर दिदू लोकनी आवड़ी गर्दी तुम्हारा आगल पाछल छ व आत्रा मयती किहे हान लगायो हुशे तर तुम्ह आम विचारु की मन किहे हात लगायो यो बाई डरीत डरीत आगल गई आणि ढूकव्या पर आई गई। फेरी हिये सुरू करू की यो चागली हुई गया, यो हिन बोलू येशु ये हिन बोलू की, “तू तारा विश्वास ती तू चांगली हुई, तू हा कया तू शांतती घर जा।’’

मत्ती 8:28-34; 9:20-22; मरकुस 5:1-20; 5:24b-34; लूका 8:26-39; 8:42b-48 बाइबल नी कथा

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