34. येशु हयेक वात शिकावाच
येशु ये देव ना राजाना विषय पर घणे वात बोले एक उदारन यो बोलू, “देवनू राज राई नया दाणा वाणी छ जो कोई ये हिना खेतर पेरू तुमच माहीत छ की राई नो दाणो केप्र नानो छ।’’
“फेरी जधा यो मोहरणो दाणो निकलिन वाणा तध बाग माईन सबन झाडपेक्षा यो सबनती मोठू हुईन आतर वाढत की आभा लमईना चिमन्या आईन हिनी फादीव पर घर भादत।’’
येशूये आझीक एक वात बोली, “देवनो राज्य खमीरा वाणी छ ये एक बाई ये आटाम घालील सबन आटो धुनिदा ल्यो।’’
“देव नु राज्य खंतरम कयाहातरी लपाइन मडाई प्याख्यू त गुप्त खजानु दाबी राख्यूत दुसय्या आदमी न मी ल्यू व हिये डबल खोदीदयू हिना आत्र चागलू वाटू की हिये हिनाकन जो भी थू यो सबन येची दिदू व जो वस्तु हिना कन था जो वस्तु हिये येचा यो पैसाती नी हिये खेतर लीदु।’’
“देव राज्य एक मौल्यवान मोती वाणी सुध्दा छ। तध मोती व्यापार वाला नी नजर जेव्हा पडत तध हिये हीनों माल मतो येचन तध यो पैसा तध आयेला पैसा ती मौलवान मोती ईकन लेत।’’
तध येशु ये एक वात बोली जो स्वतः ना काम पर भरोसा मड़ावत दुसय्या मत खरोब रहन यो हिये बोलू, “बो लोकू मंदीर म प्रार्थना कराना गया हिना पैकी एक जकानदार छ तो दूसरो धार्मिक पुढारी थो।’’
“धार्मिक पुढा ये आम प्रार्थना करी वो देव म तू मनती धन्यवाद करून की तुहे मन बाकी सबन लोकू ती आसबन लोकू वाणी मन पापी कोणी बनायो आसबन खराब विचार करत म ईम कोणी तुहे मन आ जकादार साखू कोणी बना यो।’’
“उदाहरण म हापता मयती तोरो बो बार उपवास करून आणी मारा अन्य धीन्य नू भेट चडावून तुन।’’
परन्तु वह चुंगी लेने वाला उस धार्मिक अगुवे से बहुत दूर खड़ा हो गया। उसने ऊपर स्वर्ग की ओर आँखें भी नहीं उठाईं। इसके बजाए, उसने अपनी मुट्ठी से अपनी छाती को पीटा और प्रार्थना की, 'हे परमेश्वर, कृपा करके मुझ पर दया कर क्योंकि मैं एक पापी हूँ।'
फिर यीशु ने कहा, "मैं तुमसे सच कहता हूँ, परमेश्वर ने उस चुंगी लेने वाले की प्रार्थना को सुना और उसे धर्मी घोषित किया। परन्तु उसने उस धार्मिक अगुवे की प्रार्थना को पसंद नहीं किया। परमेश्वर हर एक घमंडी के सिर को नीचा करेगा, परन्तु वह हर उस जन को आदर देगा जो स्वयं को नम्र करता है।"
मत्ती 13:31-33, 44-46; मरकुस 4:30-32; लूका 13:18-21; 18:9-14 बाइबल नी कथा
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