46. पौलुस मसीही बिशवासी बण जावै सै
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शाऊल नाम का एक माणस था जिसनै यीशु पै बिशवास न्ही करया था। जिब वो जवान था, जिब उसनै स्तिफनुस ताहीं मारण आळे लोगां के कपड़यां की निगरानी करी थी। बाद म्ह, उसनै बिशवासियां ताहीं सताया था। उसनै यरूशलेम म्ह घर-घर जाकै माणस व जनानी दोन्नु ताहीं गिरफ्तार करकै जेळखान्ने म्ह डाल दिया था। फेर महायाजक नै शाऊल ताहीं दमिश्क नगर म्ह जाण की इजाजत दी। उसनै ओड़ै के मसीहियां ताहीं गिरफ्तार करण अर उन ताहीं वाप्पस यरूशलेम लेकै आण के खात्तर शाऊल तै कह्या।
आखर शाऊल नै दमिश्क जाण का सफर शरु करया। उस नगर म्ह पोहचण तै थोड़ा ए पैहल्या, उसके च्यारु ओर आकाश तै एक उज्जवल प्रकाश चमक्या, अर वो धरती पै गिर पड़या। शाऊल नै किसे ताहीं कहन्दे होये सुण्या, "हे शाऊल! हे शाऊल! तू मन्नै क्यूं सता रह्या सै?" शाऊल नै पूच्छ्या, "हे प्रभु, तू कौण सै?" यीशु नै उस ताहीं जवाब दिया, "मैं यीशु सूं। तू मन्नै सता रह्या सै!"
जिब शाऊल उठ्या तो वो देख न्ही सकै था। उसके दोस्त उस ताहीं दमिश्क म्ह लेकै गए थे। शाऊल नै तीन दिन ताहीं कुछ भी खाया या पिया न्ही था।
दमिश्क म्ह हनन्याह नाम का एक चेला था। परमेसवर नै उसतै कह्या, "उस घर म्ह जा जड़ै शाऊल ठहरया होया सै। अपणे हात्थां नै उस पै धर ताके वो फेर तै देखण लाग्गै।" पर हनन्याह नै कह्या, "हे प्रभु, मन्नै सुण्या सै के इस माणस नै बिशवासियां नै किस तरियां सताया सै।" परमेसवर नै उस ताहीं जवाब दिया, "जा! मन्नै उस ताहीं यहूदियां म्ह अर दूसरी जात्तां के लोगां म्ह मेरे नाम की घोषणा करण के खात्तर चुण लिया सै। वो मेरे नाम के खात्तर भोत कष्ट सहवैगा।"
आखर हनन्याह शाऊल के धोरै गया, अपणे हात्थां नै उस पै धरया, अर कह्या, "यीशु नै, जो उरै आण के तेरे रास्ते म्ह तेरे पै जाहिर होया था, मन्नै तेरे धोरै भेज्या सै ताके तू फेर तै देखण लाग्गै, अर पवित्र आत्मा तन्नै भर देवै।" उसे ए बखत शाऊल फेर तै देखण म्ह सक्षम हो ग्या, अर हनन्याह नै उस ताहीं बपतिस्मा दिया। फेर शाऊल नै खाणा खाया अर फेर तै बलवंत हो ग्या।
तब तै, शाऊल नै दमिश्क म्ह रहण आळे यहूदियां म्ह प्रचार करणा शरु कर दिया। उसनै कह्या, "यीशु ए परमेसवर का बेट्टा सै!" यहूदी लोग हैरान थे, क्यूकें शाऊल नै तो बिशवासियां ताहीं मार डालण का प्रयास करया था, पर इब उसनै यीशु म्ह बिशवास करया था। शाऊल नै यहूदियां के गैल वाद-विवाद करया। उसनै दिखाया के यीशु ए मसीह था।
भोत दिनां के बाद, यहूदियां नै शाऊल ताहीं मार डालण की योजना बणाई। उननै उस ताहीं मार डालण के खात्तर नगर के फाटक पै लोगां ताहीं भेज्या। के उसकी निगरानी करैं पर शाऊल नै उस योजना के बारै म्ह सुण लिया, अर उसके दोस्तां नै बचकै लिकड़ण म्ह उसकी मदद करी। एक रात नै उननै उस ताहीं टोकरी म्ह बैठाकै नगर की दीवार तै उसनै नीच्चै तार दिया। दमिश्क तै बचकै लिकड़ण के बाद शाऊल नै यीशु के बारै म्ह प्रचार करना जारी राख्या।
शाऊल प्रेरितां तै मिलण के खात्तर यरूशलेम गया, पर वे उसतै डरै थे। फेर बरनबास नाम का एक बिशवासी शाऊल ताहीं प्रेरितां के धोरै लेकै गया। उसनै उन ताहीं बताया के शाऊल नै किस तरियां साहसी होकै दमिश्क म्ह प्रचार करया था। उसके बाद, प्रेरितां नै शाऊल ताहीं स्वीकार कर लिया।
कुछ विश्वासी जो यरूशलेम के सताव तै भाजगे थे वे दूर अंताकिया नगर म्ह चले गए थे अर यीशु के बारै म्ह प्रचार करैं थे। अंताकिया म्ह रहण आळे लोग ज्यादातर यहूदी न्ही थे, पर पहली बार, उन म्ह तै भोत से लोग बिशवासी बणगे। बरनबास अर शाऊल इन नए बिशवासियां ताहीं यीशु के बारै म्ह और घणा सिखाण के खात्तर ओड़ै गए अर कलीसिया ताहीं मजबूत करया। यीशु पै बिशवास करण आळे पहली बार अंताकिया म्ह ए "मसीही" कहलवाए।
एक दिन, अंताकिया के मसीही लोग उपवास के गैल प्रार्थना कर रह्ये थे। पवित्र आत्मा नै उनतै कह्या, "मेरे खात्तर बरनबास अर शाऊल ताहीं उस काम ताहीं करण के खात्तर न्यारा कर द्यो जिस ताहीं करण के खात्तर मन्नै उन ताहीं बुलाया सै।" ज्यातै अंताकिया की कलीसिया नै बरनबास अर शाऊल के खात्तर प्रार्थना करी अर उन पै अपणे हात्थां ताहीं धरया। फेर उननै उन ताहीं दुसरी भोत सी जगहां पै यीशु के बारै म्ह खुश खबरी का प्रचार करण के खात्तर भेज दिया। बरनबास अर शाऊल नै न्यारी-न्यारी जात्तां के लोगां ताहीं शिक्षा देई, अर भोत से लोगां नै यीशु म्ह बिशवास करया।
प्रेरितों के काम 8:3; 9:1-31; 11:19-26; 13:1-3 से एक बाइबल की कहानी
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