9. परमेश्वर मूसा ताहीं बुलावै सै
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यूसुफ कै मरण कै बाद उसके सारे रिश्तेदार मिस्र म्ह बसगे। वे अर उनके वंशज कई सालां तक मिस्र म्ह ए रहे अर उनकै बोत से बाळक पेदा होए। वे इस्राएली कुहाए।
कई सौ सालां कै बाद, इस्राएलियों की संख्या बोत बढ़ गई थी। अर मिस्री लोग इब इस बात खात्तर आभारी ना थे कि उनकी सहायता करण कै खात्तर यूसुफ नै बोत कुछ करया था। वे इस्राएलियों तै डर गए क्योंकि वे संख्या म्ह उनतै बोत घणे थे। इस करकै उस बखत मिस्र पर शासन करण आळे फिरौन नै इस्राएलियों ताहीं मिस्रियों का दास बणा दिया।
मिस्रियों नै इस्राएलियों ताहीं बोत सी इमारतें अर उरै ताहीं के कई नगरों ताहीं बणाण खात्तर मजबूर करया। उस कठिन परिश्रम नै उनके जीवन ताहीं बड़ा दुःखदायी बणा दिया, लेकिन परमेश्वर नै उन ताहीं आशीष दी अर उनकै ओर घणे बाळक पैदा होए।
फिरौन नै देख्या के इस्राएलियों के बोत बाळक पैदा हो रहे थे, इस करकै उसनै अपने माणसां ताहीं इस्राएलियों के सारे नर बच्चों ताहीं नील नदी म्ह फेंक कै मार डालने का आदेश दिया।
एक इस्राएली जनानी नै एक नर बच्चे ताहीं जन्म दिया। उसनै अर उसके पति नै जितना उनतै हो सक्या उस बच्चे ताहीं छिपा कै राख्या।
जिब उस बाळक के मां-बाप उस ताहीं और अधिक न छिपा सके, तो उन्होंने उस ताहीं मारे जाने तै बचाण खात्तर एक तैरने आळी टोकरी म्ह नील नदी के किनारे पै सरकंडों के बीच रख दिया। उसकी बड़ी बहन नै यो देखण खात्तर उसकी निगरानी करी के उसकै गैल के होवैगा।
फिरौन की बेटी नै उस टोकरी ताहीं देख कै उसकै भीतर झाँका। जिब उसने एक बाळक ताहीं देखा तो उसने उसे अपने बच्चे के रूप म्ह ले लिया। उसनै एक इस्राएली जनानी नै उस ताहीं दूध पिलाण खात्तर काम पर रख लिया, बिना या जाणे के वो उस बाळक की असली मा थी। जिब वो बाळक इतना बड़ा हो ग्या के इब उसनै अपणी मां के दूध की जरुरत कोनी थी, तो उसनै फिरौन की बेटी कै धोरै उस ताहीं लौटा दिया, उसका नाम मूसा था।
एक दिन, जिब मूसा बड़ा हो ग्या था, तो उसनै देख्या के एक मिस्री एक इस्राएली नै पिट रह्या सै। मूसा नै अपने साथी इस्राएली ताहीं बचाणे की कोशिश करी।
जब मूसा नै सोच्या के उसनै कोई न्ही देखेगा तो उसनै उस मिस्री ताहीं मार दिया अर उसकी लाश ताहीं दफन कर दिया। लेकिन मूसा ने जो करया था उस ताहीं किसी नै देख लिया था।
फिरौन नै बेरा पाट ग्या के मूसा नै के करया सै। उसनै उस ताहीं मार देण की कोशिश करी, लेकिन मूसा मिस्र तै जंगल म्ह भाग ग्या। फिरौन के सैनिक उस ताहीं ओड़ डुन्ड ना पाए।
मिस्र तै दूर जंगल म्ह मूसा एक चरवाहा बण ग्या था। उसनै ओड़ एक छोरी तै ब्याह कर लिया अर दो बाळक पैदा होए।
मूसा अपणे ससुर के भेड़ों के झुंड की देखभाल करया करदा। एक दिन, उसनै एक जलदी होई झाड़ी ताहीं देखा जो भस्म होए बिना जळ रही थी। उसनै देखण खात्तर वो उस झाड़ी कै धोरै गया। जिब वो उसकै बोत करिब था तो परमेश्वर नै उसतै बात करी। उसनै कह्या, "हे मूसा, अपणे जूत्यां नै तार दे। तू एक पवित्र स्थान पै खड़ा सै।"
परमेश्वर नै कह्या, "मैंने अपने लोगों के दुःखां ताहीं देख्या सै। मैं तन्नै फिरौन कै धोरै भेजूँगा ताकि तू इस्राएलियाँ नै मिस्र कि गुलाम्मी तै लिकाड़ ल्याए। मैं उन ताहीं कनान देश दूँगा, वो देश जिसका मैंने अब्राहम, इसहाक अर याकूब तै वादा करया सै।"
मूसा नै पूछा, "अगर लोगों नै जाणणा चाह्या के मेरे ताहीं किसनै भेज्या सै तो मैं के कहूँ?" परमेश्वर नै कह्या, "जो मैं हूँ सो मैं हूँ। उनतै कहो, 'मैं हूँ ने मेरे ताहीं थारे धोरै भेज्या सै।' उनतै या भी कहो, 'मैं थारे पूर्वजों अब्राहम, इसहाक अर याकूब का परमेश्वर यहोवा सुं।' मेरा यो नाम सदा का सै।"
मूसा डरै था अर फिरौन कै धोरै जाणा न्ही चाहवै था क्योंकि उसनै सोच्या के वो आच्छी तरियां तै बोल न्ही पावैगा, इस करकै परमेश्वर नै मूसा के भाई, हारून, ताहीं उसकी मदद करण खात्तर भेज्या।
निर्गमन अध्याय 1-4 से एक बाइबल की कहानी
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