17. दाऊद के साथ परमेश्वर क वादा
शाऊल इस्राइल क पहिला राजा रहले । ऊ बड़ औरी सुंदर रहले, जईसन उलोग चाहत रहले एकदम वईसने । इस्राइल पर अपन राज की पहिला कुछ वरिष मे शाऊल एगो अच्छा राजा रहले । लेकिन ऊ बाद मे ऊ एगो दुष्ट आदमी बन गईले । जेवन की परमेश्वर की बात के ना मनले, एहीसे परमेश्वर एगो दुसर आदमी के चुनले जेवन एक उनकरी जगह पर राजा बनिहे ।
परमेश्वर दाऊद नाम क एगो जवान इस्राइली आदमी के चुन के एक दिन शाऊल की जगह पर राजा होखे खातिर तईयार कईल शुरू क दिहले । दाऊद बैतलहम गाँव क एगो चरवाहा रहले कई समय पर, दाऊद शेर के औरी भालू दुनों के मार दिहले रहले काहे से की दाऊद दुवारा रखवाली करत समय पर उनकरी पिता की भेड़न पर उलोग कई बार हमला कईले रहले दाऊद एगो नमर औरी धरमी आदमी रहले ऊ परमेश्वर पर भरोसा कईले औरी उनकरी बात के मनले ।
जब दाऊद अब ही जवान आदमी रहले, ऊ बड़ औरी चऊड़ा गोलियात के बिरुद्ध लड़ाई कईले गोलियात एगो अच्छा सैनिक रहले ऊ बहुते मजबूत औरी तीन मीटर लंबा रहले । लेकिन परमेश्वर गोलियात के मारे औरी इस्राइल के बचावे मे दाऊद क मदद कईले । एकरी बाद दाऊद इस्राइल की दुश्मन पर कई बार जीत गईले । दाऊद एगो बड़ियार सैनिक बन गईले, औरी ऊ बहुते लड़ाई मे इस्राइल सेना क अगुवाई कईले औरी लोग उनकर बहुते बड़ाई कईले ।
लोग दाऊद से एतना प्रेम कईले की शाऊल उनसे जले लगले । आखिरकार शाऊल उनके मार डाले के चाहत रहले, एहीसे दाऊद उनसे औरी उनकरी सैनिक से छिपे खातिर ऊ जंगल मे भाग गईले एक दिन, जब शाऊल औरी उनकर सैनिक दाऊद की खोज मे रहले त शाऊल एगो गुफा मे गईले । ई ऊ गुफा रहे जेवना मे दाऊद छिपल रहले, लेकिन उनके ना देखले । दाऊद उनकरी पीछे औरी उनकरी बहुते नजदीक चल गईले औरी उनकरी कपड़ा मे से एगो टुकड़ा काट लिहले बाद मे, जब शाऊल ओ गुफा से निकलले त दाऊद उनके पुकार के ओ कटल कपड़ा के दिखअवले एह तरीका से, शाऊल जान गईले की दाऊद राजा बने खातिर उनके मार दिहला से इनकार क दिहले ह
कुछ समय के बाद, शाऊल लड़ाई मे मर गईले, औरी दाऊद इस्राइल क राजा बन गईले । ऊ एगो अच्छा राजा रहले, औरी लोग उनसे प्रेम रखले । परमेश्वर दाऊद के आशीष दिहले औरी उनके सफलता दिहले । दाऊद कई गो लड़ाई लड़ले, औरी परमेश्वर इस्राइल के दुश्मन के हरावे मे दाऊद के मदद कईले । दाऊद यरुषलेम गाँव के जीत के ओके अपन राजधानी बन अवले, जहा ऊ रहले औरी राज कईले । दाऊद चालीस वरिष तकले राजा रहले । ओहि समय के बीच मे, इस्राइल सामर्थी औरी धनवान हो गईल ।
दाऊद एगो मंदिर बनावल चाहत रहले जहा की कुल इस्राइल क लोग परमेश्वर की आराधना कर सके औरी उनकरी खातिर बलिदान चढ़ा सके जा लगभग 400 वरिश से, ऊ लोग मूसा क बनावल मिलाप वाला तंबू मे आराधना करत रहले औरी उनकरी खातिर बलिदान चढ़ावत रहले ।
लेकिन ऊहा नातान नाम क एगो भविष्य वक्ता रहले, परमेश्वर उनके दाऊद से ई कहे खातिर भेजले की: “तू बहुते लड़ाई लडले बाड़ा, एहीसे तू हमरी खातिर ए मंदिर के ना बनईबा । तोहार बेटा ए मंदिर के बनईहे तेवना पर भी हम तोहके बहुतायत से आशीष देइब । तोहार एगो पीड़ी हमेशा खातिर लोगन पर राजा के रूप मे राज करीहे; हमेसा खातिर राज करे वाला ऊ दाऊद के पीड़ी से केवल मसीह हऊवे । मसीह परमेश्वर चुनल एगो जन बाड़े जेवन की दुनिया के लोगन के उनकरी पाप से बचईहे ।
जब दाऊद नातान की संदेश के सुनले त ऊ परमेश्वर क धन्यबाद कईले औरी उनकर स्तुति कईले । परमेश्वर उनकरी आदर के बढ़ावत रहले औरी उनके बहुते आशीष देत रहले, भलही, दाऊद ना जानत रहले की परमेश्वर ई बात के कब करीहे ए समय हमहनी क ई जानत बाड़ी जा की इस्राइली ;लोग के ढेर समय तकले, लगभग 1,000 वरिष तकले मसीह के आवे क इंतजार करे के बा
दाऊद कई वरिष तकले बडिया से अपनी लोगन पर राज कईले ऊ बड़ी निष्ठा से परमेश्वर की बात के मनले औरी परमेश्वर उनके आशीष दिहले । हलाकी, अपनी जीवन की अंतिम मे ऊ परमेश्वर की बिरुद्ध मे बहुते भयानक पाप कईले ।
एक दिन दाऊद अपनी महल से बाहर झकले औरी एगो सुंदर औरत के नहात क देखले ऊ उनके ना जानत रहले, लेकिन ऊ ई मालूम क लिहले की एकर नाम बतशेबा ह ।
अपनी नजर के फिर से देखला की वजय, दाऊद उनके पास लियावे खातिर केहु के भेजले । ऊ उनकरी साथे सुतले औरी ओके घरे वापस भेज दिहले । कुछ दिन की बाद बतशेबा ई कह के दाऊद के पास जोह भेजली की हम ऊ गर्भवती बाड़ी ।
बतशेबा क पति उरीययाह नाम क एगो आदमी रहले । ऊ दाऊद की सैनिक मे से सबसे बड़िहा रहले । ओ समय ऊ लड़ाई करे खातिर बाहर गईल रहले । दाऊद उरीययाह के लड़ाई से वापस बुलाके उनके अपनी मेहरारू के साथे रहे के कहले लेकिन औरी सैनिक लोग लड़ाई मे रहले एहीसे उरीययाह घरे जईला से मना क दिहले । दाऊद उरीययाह के लड़ाई मे वापस भेज दिहले । सेना पति से उनके एईसन जगह पर रखे के कहले की जहां दुश्मन सबसे शक्तिशाली रहे ताकि ऊ मरा जाँ । त एईसन भईल की उरीययाह लड़ाई मे मर गईले ।
उरीययाह के लड़ाई मे मरला की बाद दाऊद बतशेबा से बियाह क लिहले । बड़ मे, बाद मे उ दाऊद के बेटा के जनम दिहली । दाऊद जेवन कईले रहले ओसे परमेश्वर बहुते नराज रहले । एहीसे ऊ नातान भविष्य वक्ता के दाऊद के ई बतावे खातिर भेजले की उनकर पाप केतना खराब रहल ह । दाऊद अपनी पाप क पश्चताप कईले औरी परमेश्वर उनके माफ क दिहले अपनी बचल जीवन मे, अपनी कठिन समय मे भी दाऊद परमेश्वर के पीछे पीछे चलले औरी उनकरी बात के मनले ।
लेकिन बेटा मर गईल । औरी एह रीति से परमेश्वर दाऊद के दंड दिहले एकरी अलावा दाऊद की मरला तकले, उनकरी अपन परिवार क कुछ लोग उनसे लड़ाई कईले, औरी दाऊद क शक्ति कम हो गईल रहे । लेकिन परमेश्वर विश्वास योग्य रहले, औरी तब पर भी उहए कईले की जेवन की दाऊद से करे के वादा कईले रहले की ऊ करीहे, भले दाऊद उनकरी अज्ञा क उलँघन कईले रहले । बाद मे, दाऊद औरी बतशेबा क दुसर बेटा भईल, उलोग ओकर नाम सुलेमान रखले ।
1 शमूएल अध्याय 10; 15-19; 24; 31; 2 शमूएल 5; 7; 11-12 से एक बाइबल की कहानी
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