37. यीशु लाजर का मरेन मा से जियावत है

37. यीशु लाजर का मरेन मा से जियावत है — चित्र 1

लाजर नाम का इयक आदमी रहय। वहिके द्वि बहिनी रहै, जिनका नाम मरियम अउर मार्था रहय। उयीं सब यीशु के पक्के साथी रहै। इयक दिन, कोऊ यीशु का बताइस कि लाजर बहुत बेमार है। जब यीशु ने या सुनो तो व कहिस, “य बेमारी मरै के खातिर निहाय लेकिन परमेसुर की महिमा के खातिर है, ताकि लोग परमेसुर का आदर करै।”

37. यीशु लाजर का मरेन मा से जियावत है — चित्र 2

यीशु अपने साथिन से पिरेम करत तै, लेकिन जहाँ व रहय उहाँ व द्वि दिनन तक प्रतीक्षा कीनेस। उयीं द्वि दिनन के बाद, व अपने चेलन से कहिस, “आवा वापिस यहूदिया प्रदेश का चली।” चेलन ने उत्तर दीनेन, “लेकिन हे गुरु, अवै कुछ ही समय पहिले उहाँ के लोग तोहिका मार डारो चाहत ते!” यीशु ने कहो, “हमार साथी लाजर सोय गा है, अउर मोहिका वहिका जगावय का है।”

37. यीशु लाजर का मरेन मा से जियावत है — चित्र 3

यीशु के चेलन ने उत्तर दीनेन, “हे प्रभु, अगर लाजर सोय रहो है, तो व ठीक हुई जयी।”तब यीशु ने उनसे स्पष्ट रूप मा कहि दीनेस, “लाजर मर गा है। मै आनन्दित हऊकि मै उहाँ नियाहूँ, ताकि तुम मोहि पर विश्वास कर सका।”

37. यीशु लाजर का मरेन मा से जियावत है — चित्र 4

जब यीशु लाजर के गाँव पहुँचा तो लाजर का मरे हुए पहिले से ही चार दिन हुई चुके ते। मार्था यीशु से मिलै के खातिर बाहर आई अउर कहिस, “हे प्रभु, अगर तै यहाँ होते तो मोर भाई न मरत। लेकिन मै विश्वास करत हऊँ कि जउन कुछ भी तै परमेसुर से मंगिहे व तोहिका दयी।”

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यीशु उत्तर दीनेस, “पुनरूत्थान अउर जीवन मै ही हूँ। जउन कउनो मोही पर विश्वास करी अगर व मर भी जयी तौ भी जि जयी। जउन कउनो भी मोहि पर विश्वास करत है व कबहूँ न मरी। काहे तै या पर विश्वास करत हई?” मार्था उत्तर दीनेस, “हे प्रभु, मै विश्वास करत हऊँ कि तै परमेसुर का लरका मसीह आही।”

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तब मरियम आयी। व यीशु के पावन मा गिर कै कहिस, “हे प्रभु, अगर तै इहाँ होते तो मोर भाई न मरत।” यीशु ने वहिसे पूछिस, “तुम लाजर का कहाँ रखो हऊ?” व वहिका बताइस, “कब्र मा। आव अउर देख ले।” तब यीशु रोवें लाग।

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व कब्र इयक गुफा रहय जेहिके दुआरे मा इयक पथरा लुढकाय दीन गा तै। जब यीशु कब्र के नेरे पहुचा तो व उनसे कहिस, “पथरा का हटाय देवो।” लेकिन मार्था ने कहो, “वही मरे हुए चार दिन हुइ गे है। वहिसे बदबू आवत हुई।”

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यीशु उत्तर दीनेस, “काय मै तोहिसे न कहो तै कि अगर तुम मोही पर विश्वास करिहा तो परमेसुर की सामर्थ का देख पइहा?” यहीखातिर उयीं पथरा का हटाय दीनेन।

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तब यीशु ने ऊपर स्वर्ग की तरफ देख कै कहिस, “हे बाप, मोर सुन लेय के खातिर मै तोर धन्यवाद करत हऊ। मै जानत हऊ कि तै हमेशा मोर सुनत हई, लेकिन मै या सब यहाँ पर खड़े सब लोगन की सहायता करै के खातिर कहो हऊ ताकि यी विश्वास करै कि तै मोहिका भेजो हई।” तब यीशु ने आवाज लगाई, “हे लाजर बाहेर निकर आव!”

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अतः लाजर बाहेर निकर आवा! व अबै भी कफन मा लपेटो रहय। यीशु ने वहिसे कहिस, “या कफ़न का निकारै मा वहिकै सहायता करा अउर वही आजाद करा।” या चमत्कार के कारण बहुत से यहूदियन ने यीशु पर विश्वास कीनेन।

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लेकिन यहूदियन के धार्मिक अगुवा यीशु से जलन रखै लाग, यहीखातिर उयीं योजना बनावे के खातिर इयक साथ इकठ्ठा भे कि कइसे यीशु अउर लाजर का मार डालो जाय।

यूहन्ना 11:1-46 से बाइबिल कै इयक कथा

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