38. यीशु का पकडवावो जात है
हर साल, यहूदी लोग फसह का त्योहार मनावत ते। यहिके बारे मा, य इयक उत्सव रहय कि कई सौ साल पहिले परमेसुर ने उनके पुरखन का मिस्र देश के दासत्व से छुडाओ तै। लगभग तीन साल के बाद यीशु ने सार्वजनिक रूप से परचार करब अउर शिक्षा देब शुरू कीनेस। यीशु ने अपने चेलन का बताइस कि व उनके साथ यरूशलेम मा फसह के त्योहार का मनाओ चाहत तै अउर या भी कि व उहाँ मार डारो जयी।
यीशु के चेलन मा इयक यहूदा नाम का आदमी रहय। यहूदा के पास प्रेरितन के धन की थईली रखै कै जुम्मेदारी रहय, लेकिन अधिकतर व वही थईली मा से कुछ धन निकार लियत तै। यीशु अउर वहिके चेले यरूशलेम मा पहुँचय के बाद, यहूदा यहूदीअगुवन के नेरे गा। व धन के बदले मा, यीशु का उनके हाथ पकडवावे का प्रस्ताव रखिस। व जानत तै कि यहूदी अगुवा स्वीकार न करत ते कि यीशु ही मसीह आय। व जानत तै कि उयीं वहिका मार डालों चाहत ते।
महायाजक के कहय पर यहूदी अगुवन ने यीशु का उनके हाथन मा पकडवावे के खातिर यहूदा को तीस चाँदी के सिक्के दीनेस। या वही तरा से भा तै जइसन की परमेसुर का संदेस बतावे वालेन ने कहो तै कि अइसा हुई। यहूदा मान गा अउर धन लई कै चलो गा। व यीशु का पकडवावे मा उनकै मदद करै के खातिर कउनो अउसर कि खोज मा रहय।
यरूशलेम मा, यीशु ने अपने चेलन के साथ फसह का त्योहार मनाय रहो तय। फसह के भोजन के समय यीशु ने रोटी लई कै तोडिस। व कहिस, “यही लेओ अउर खाओ। या मोर देह आय जउन मै तुम्हारे खातिर देत हऊँ। यहिका मोरी याद मा किनहेया।” इन तना से यीशु ने कहो कि व उनके खातिर मर जई, अर्थात उनके खातिर व अपनी देह का बलिदान चढाय दयी।
फिर यीशु ने इयक दाखरस का प्याला लीनेस अउर कहिस, “यहीका पी लेयो। या नयी वाचा का मोर लहू आय जउन कि मै उडेलिहऊँ ता कि परमेसुर तुम्हारे पापन का क्षमा करी। हर बार यही पियत समय मोरी याद मा य किनहेया, जउन मै अवै कर रहो हऊँ।”
तब यीशु ने अपने चेलन से कहिस, “तुम मा से इयक जन मोहिका पकड़वायी।” चेले चउक गे, अउर पूछे लाग कि कउन अइसा काम करी। यीशु ने कहो, “मोर पकडवावे वाला आदमी व है जउन का मै या रोटी का टुकडा देत हऊँ। तब व कहिस रोटी यहूदा का देओ।”
व रोटी का लेय के बाद, यहूदा मा शैतान समाय गा। यहूदा निकर कै यीशु का पकडवावे के खातिर, यहूदी अगुवन कि मदद करै के खातिर चलो गा। या रात का समय रहय।
भोजन करै के बाद यीशु अउर वहिके चेला जैतून पहार मा चले गे। यीशु कहिस, “तुम सब आज रात मोहिका छोड़ दइहा। या लिखो है, ‘मै चरवाहे का मरिहऊँ अउर सारी गडरै तितर - बितर हुइ जइ है।”
पतरस उत्तर दीनेस, “भले ही बाकी के सब तोहिका छोड़ देय, मै तोहिका ना छोडिहऊँ।” तब यीशु ने पतरस से कहिस, “शैतान तुम सब का लयी जाओ चहत है। लेकिन हे पतरस, मै तोरे खातिर प्रार्थना कि है कि तू विश्वास से चूक न जाय। फिर भी, आज कि रात, मुर्गा वोलय से पहिले तै मोहिका तीन बार इंकार करिहे कि तै मोहिका जानत तक निआही।”
पतरस ने तब यीशु से कहिस, “भले ही मै मर भी जाऊं, मै कबहूँ भी तोर इंकार न करिहऊँ!” बाकी के सब चेलन ने भी यही कहो।
तब यीशु अपने चेलन के साथ गतसमनी नाम कि जगा मा गा। यीशु ने अपने चेलन से प्रार्थना करै कै खातिर कहिस ताकि शैतान उनकै परीक्षा न कर सकै। तब यीशु खुद प्रार्थना करै के खातिर चलो गा।
यीशु ने तीन बार प्रार्थना करी, “हे मोरे बाप, अगर संभव होय तो किरपा करकै या दुःख का प्याला पिये के खातिर मोहिका न दे। लेकिन यदि लोगन के पाप क्षमा किए जाय के खातिर कउनो अउर रास्ता न होय, तो तोरी ही इच्छा पूरी होय।” यीशु बहुत व्याकुल रहय अउर वहिका पसीना खून कि बूँदन कि तरा रहय। वहिका ताकत देय के खातिर परमेसुर ने इयक स्वर्गदूत का भेजिस।
हर बार प्रार्थना के बाद, यीशु अपने चेलन के पास वापिस आओ, लेकिन उयीं सोय गे ते। जब यीशु तिसरी बार लउटो तो यीशु कहिस, “जाग जाओ! मोर पकडवावे वाला इहाँ है।”
यहूदी अगुवों, सिपाहियों अउर इयक बड़ी भीड़ के साथ यहूदा आओ। उयीं तलवारे अउर लाठियाँ लहे रहय। यहूदा ने यीशु के नेरे आय कै वहिसे कहिस, “हे गुरू नमस्कार,” अउर वहिका चूमिस। व गिरफ्तार कीन जाय वाले आदमी का यहूदी अगुवन पर परकट करै के खातिर अइसा कीन तय। तब यीशु कहिस, “हे यहूदा, काय तू इयक चुम्बन से मोहिका पकडवाय रहो हा?”
जब उयीं सिपाही यीशु का पकर रहे ते, तो पतरस ने आपन तलवार निकारिस अउर महायाजक के इयक सेवक का कान काट दीनेस। यीशु कहिस, “तलवार का दूर कर! मै अपने बाप से मोर बचाब करै के खातिर स्वर्गदूतन कै इयक सेना के खातिर विनती कर सकत हऊँ। लेकिन मोहिका मोरे बाप कै बात मानय का है।” तब यीशु ने व आदमी के कान का ठीक कर दीनेस। तब सारे चेले भाग गे।
मत्ती 26:14-56; मरकुस 14:10-50; लूका 22:1-53; यूहन्ना 12:6; 18:1-11 से इयक बाइबिल कै कथा
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