23. यीशु के जनम

23. यीशु के जनम — चित्र 1

युसुफ नाम के एक धर्मी मनसे के संग मरियम के मंगनी हो चुके रिहिसI जब ओहर सुनिस कि मरियम गर्भवती हे त ओ जानत रिहिस कि ओ ओकर लइका नी हेI परन्तु, ओ मरियम ला बदनाम नी करे के चाहत रिहिस, इकरेबर ओहर ओकरे उपर कृपा करेबर अउर ओला चुप चाप तलाक देबर सोचिसI परन्तु इकर पहले ओहर एइसन करतीस, एकठन स्वर्गदूत हर ओकर सपना मा आके ओकर ले गोठियाइसI

23. यीशु के जनम — चित्र 2

ओ स्वर्गदूत हर कहिस, ‘’हे युसुफ, मरियम ला आपन पत्नि के रूप मा लेके आए ले नी डरI ओकर भीतर जो लईका हे ओ पवित्र आत्मा के तरफ ले हेI ओ एक बेटा ला जनम दिहीI ओकर नाम यीशु रखबे (जेकर अर्थ हे, ’यहोवा बचाही’), काबर कि ओहर मनसेमन ला ओमन के पापमन ले बचाहीI’’

23. यीशु के जनम — चित्र 3

अतः यूसुफ हर मरियम ले शादी करिस अउर ओला अपन पत्नि के रूप मा घर ले आइस, परन्तु ओकर बेटा ला जनम देत ले ओहर ओकर संग सम्बन्ध नी बनाईसI

23. यीशु के जनम — चित्र 4

जब मरियम के जनम दे के समय निकट रिहिस, त ओहर अउर यूसूफ हर बैतलहम जाय के एक लम्बी यात्रा करिनI ओमन ला ओकरा जाए के रिहिस काबर रोमी अधिकारी इस्राएल मा रिहिन सबेच मनसेमन के गिनती करेबर चाहत रिहिनI ओमन चाहत रिहिन कि सबेच मनसे ओकरा जाही जहाँ ओमन के पूर्वज रहत रिहिनI राजा दाऊद के जनम बैतलहम मा होए रिहिस, अउर ओ मरियम अउर यूसूफ दोनों के पूर्वज रिहिसI

23. यीशु के जनम — चित्र 5

मरियम अउर यूसुफ बैतलहम गिन, परन्तु ओठी जानवरमन ला रखे के जगह के अलावा ओमन के रहेबर कोनो जगह नी रिहिसI ओहीच जगह रिहिस जहाँ मरियम हर अपन लइका ला जनम दीसI ओहर ओला चरनी मा सुता दीस काबर कि ओकरा ओकरबर कोई बिछोना नी रिहिसI ओमन हर ओकर नाम यीशु राखिनI

23. यीशु के जनम — चित्र 6

ओ रात, ओकरा तीर के खेत मा कुछू चरवाहामन अपन भेड़ के झुण्ड के रखवाली करत रिहिनI अचानक ले एक चमकदार स्वर्गदूत प्रकट होईस, अउर ओमन डर गिनI ओ स्वर्गदूत हर कहिस, ’’नी डरो, काबर मोर पास तुमन बर शुभ सन्देश हेI बैतहलम मा मसीह, स्वामी के जनम होए हे!’’

23. यीशु के जनम — चित्र 7

जा के ओ लइका के खोज करव, अउर तुमन ओला कपड़ा मा लिपटे अउर चरनी मा सुते पाहाI अचानक ले, आकाश स्वर्गदूतमन ले भर गिसI ओमन परमेश्वर के स्तुति करत रिहिनI ओमन कहिन, ‘’सारी महिमा सरग मा विराजमान परमेश्वर ला मिलेI पृथ्वी मा सब्बो झन मा शांति हो जेकर ओ चिंता करथे !’’

23. यीशु के जनम — चित्र 8

तहाँ स्वर्गदूत चले गिनI ओ चरवाहामन घोले अपन भेडमन ला छोड़ के बालक ला देखे बर गिनI शीघ्र ही ओमन हर ओ जगह ला पहुचिन जहाँ यीशु रिहिस अउर ओमन ओला चरनी मा सुतत पाईन, जिसने की स्वर्गदूत हर कहे रिहिसI ओमन बनेच खुश रिहिनI तहाँ ओ चरवाहामन वापिस ओकरा ले लउट गिन जोन करा ओमन के भेड़मन रिहिनI ओमन जोन कुछु ला सुनिन अउर देखीन ओ सब बर ओमन परमेश्वर के स्तुति करत रिहिनI

23. यीशु के जनम — चित्र 9

पूरब मा दूर एक देश मा कुछ मनसे रिहिनI ओमन तारामन के अध्यन करत रिहिन अउर ओमन हर बनेच बुद्धिमान रिहिनI ओमन एक असामान्य तारा ला आकाश मा देखीनI ओमन कहिन कि एकर अर्थ हे कि यहूदीमन के एक नावां राजा के जनम होए हेI इकरेबर ओमन ओ बालक ला देखे बर आपन देश ले यात्रा करे खातिर निर्णय करिनI एक लम्बी यात्रा के बाद, ओमन बैतलहम आइन अउर ओ घर ला पाईन जोनकरा यीशु अउर ओकर माता पिता रिहिनI

23. यीशु के जनम — चित्र 10

जब इ मनसेमन यीशु ला आपन माहातारी के संग देखीन त ओमनहर घुटने टेक के ओकर आराधना करिनI ओमन यीशु ला बहुमूल्य उपहार दीइनI फेन ओमन घर वापिस लउट गिनI

लारिया- मत्ती अध्याय 1; लूका 2 ले बाइबिल कर एकठन कथा

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