30. यीशु पांच हजार मनसेमन ला खाना खवाथे
यीशु हर आपन शिष्य मन ला परचार करे बर अउर मनसेमन ला शिक्षा देय बर बनेच ले अलग -अलग गाँव मा भेजिसI तब यीशु हर ओमन ला झील के दूसर तरफ ओकर संग एक शान्त जगह मा जाके कुछ समय विश्राम करे बर आमंत्रित करिसI अतः ओमन एक डोंगा मा चढ़गिन अउर झील के दूसर तरफ चल दिन
परन्तु ओकरा बनेच मनसेमन रिहिन जोन मन यीशु अउर चेलामन ला डोंगा में जात देखे रिहिनI ए जान के मनसेमन घोले झील के दूसरी तरफ जाये बर झील के तीर-तीर मा कुदत ओमन ले आघू पहुँच गिनI जब यीशु अउर चेलामन पहुंचीन त इच मनसेमन के एक बड़खा भीड़ ओमनके परतिक्षा करत रिहिस जोनमन ओमन ले पहिले पहुंच गे रिहिनI
ओ भीड़ मा नारीमन अउर लईकामन के गिनती ला छोड़ के 5,000 ले अधिक पुरुष रिहिनI यीशु हर ओ मनसेमन ले बड़ी तरस खाइसI काबर कि यीशु बर ओ मनसे ओ भेड़मन के समान रिहिन, जेकर कोनो रखवाला नी हेI इकरेबर ओ हर ओमन ला शिक्षा दीइन अउर ओमन के बीच मा जोन मन बीमार रिहिन ओमन ला चंगा करिसI
दिन के आखरी मा, चेलामन हर यीशु ले कहिन, ‘’अब देर होगिसे अउर आस पास मा कोनो नगर नी हेI इमन ला जान दे ताकि ओमन जा के खाए बर कुछ बिसायेंI”
परन्तु यीशु हर चेलामन ले कहिस, ‘’तुमन ओमन ला खाए बर कछु द!’’ ओमन उत्तर दीइन, ‘’हामन ए नी कर सकनI हमर ठी मात्र पांच रोटी अउर दो छोटे मछली मन हेI”
यीशु हर आपन चेलामन ले कहिस कि ओमन भीड़ के मनसेमन ला घाँस मा पचास-पचास के गुरुप मा बइठे बर कहेंI
तहाँ यीशु हर पांच रोटी अउर दो मछलीमनला ले के सरग के तरफ देखिस, अउर ओ भोजन बर परमेश्वर ला धन्यवाद दिस
फेन यीशु हर रोटीमन ला टोर-टोर के चेलामन ला देत गिस कि ओमन मनसेमन ला परोसिन, अउर ओ दू मछलीमनला घोले ओ सब मा बाँट दिन चेले ओ भोजन ला बाँटत रिहिन, अउर ओहर बिलकुल खतम नी हुईस! ओमन सब मनसे खाके संतुष्ट हो गिनI
ओकर बाद, चेलामन बचे हुए टुकड़ामन ला इकट्ठा करिन जोन खाए नी गे रिहसI अउर ओ टुकड़ामन ले भरी हुई बारहटोकरीमन ला उठाइनI
लारिया- मत्ती अध्याय 14:13-21; मरकुस 6:31-44; लूका 9:10-17; यूहन्ना 6:5-15 ले बाइबिल के एकठन कथा
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