28. खारकअ सेठ मणछ

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 1

एकी धैल़ै आअ एक खारकअ सेठ मणछ ईशू सेटा लै संघा लागअ इहअ पुछ़दअ, “हे महान गूरू, मोक्ष पाणां लै हुंह किज़ै करूं?” ईशू बोलअ तेऊ लै, “तूह मुल्है महान किल्है बोला? महान गूरू आसा परमेशर एक्कै। मोक्ष पाणां लै मन तूह तेऊ परमेशरे हुकम।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 2

सह खारकअ सेठ मणछ लागअ पुछ़दअ, “कुंण ज़ण्हअ हुकम मनणअ आसा मुल्है ज़रूरी?” ईशू बोलअ तेऊ लै, “पैहलै ता इहअ कि हत्या निं करी, आपणीं बेटल़ी छ़ाडी होरी बेटल़ी लै निं आछ डाही लाई, नां झ़ुठअ बोली, आपणैं ईजा बाबो करै सदा अदर और आपणैं संघी-साथी संघै लै झ़ूरै तिहअ ज़ेतरअ तूह आप्पू लै झ़ूरा।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 3

पर तेऊ सेठ मणछै बोलअ इहअ, “इना सोभी गल्ला मना हुंह होछ़ी उझै एही ई, मुंह दी होर किज़ै काम्मीं आसा रही दी कि हुंह किज़ै करूं?” ईशू भाल़अ तेऊ बाखा झींण करी संघा बोलअ इहअ,

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 4

“ज़ै तूह सिद्ध हणअ च़ाहा, तै कर इहअ कि आपणीं सारी ज़ैदात बेच़ पठी, संघा बांड तैहा गरीबा लै, ताह भेटणअ स्वर्गै धन और आप्पू एछ तेखअ तूह मुंह संघै।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 5

इशूए इना गल्ला शूंणीं शेऊअ तेऊ सेठ मणछै आपणअ मुंह, किल्हैकि सह त अज़ी ज़ुआन और खास्सअ सेठ। आपणीं धन-माया बेच़ी गरीबा लै बांडणां लै निं तेऊओ दिल्ल बोली निस्सअ, तेखअ फिरअ सह ईशू सेटा का घरा लै।

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 6

तै बोलअ तेखअ ईशू आपणैं च़ेल्लै लै इहअ, “ऊंट सका सिऊंणींए पाशी बाती आजू निखल़ी पर सेठ मणछो स्वर्गे राज़ा दी पुजणअ आसा बेघै मुशकल़।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 7

ईशूए इना गल्ला शूंणीं हुऐ च़ेल्लै रहैन, संघा लागै आप्पू मांझ़ै एही गल्ला करदै, “ज़ै इहअ आसा, तै निं स्वर्ग राज़ा दी कोहै च़ाल्लअ पुजी।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 8

ईशू भाल़अ आपणैं च़ेल्लै बाखा संघा बोलअ इहअ, “आपणैं हाथै निं कोहै आप्पू लै मोक्ष दैई सकदअ, पर परमेशर सका सोभै गल्ला करी।”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 9

ईशूए च़ेल्लै पतरसै बोलअ ईशू लै, “हाम्हैं तेरै च़ेल्लै ता आसा भाल़ सोभ गल्ला छ़ाडी ताह संघै आऐ दै, हाम्हां एतो किज़ै पुआज़अ भेटणअ?”

28. खारकअ सेठ मणछ — चित्र 10

ईशू दैनअ तिन्नां लै ज़बाब, “इहअ मणछ ज़ुंणीं मुंह पिछ़ू आपणैं भाई-बैहण, ईज-बाब, शोहरू-माठै और आपणीं धन-माया छ़ाडी होए, तेऊ भेटणअ तेतो शौ गुणा नफअ और मोक्ष ता भेटणअ ई। पर इहै आसा खास्सै ज़ुंण आजू आसा तिंयां हणैं पिछ़ू, ज़ुंण एभै पिछ़ू आसा तिंयां हणैं आजू।”

मत्ती धैअ 19:16-30; मरकुस 10:17-31; लुका 18:18-30 का पबित्र शास्त्रे एक काहणीं

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