31. ३१. येशू पानीक् उप्पर नेँग्लाँ

31. ३१. येशू पानीक् उप्पर नेँग्लाँ — चित्र 1

तब भिरहे बिदा कैके येशू चेलानहे लाउमे चौँह्रके समुन्द«क ओँहँ पार ओर जाई कहलाँ। भिरहे बिदा कैके सेक्के पाछे ओँहाँ प्रार्थना करक् लग् उप्पर डम्मरिया ओ गैलाँ। येशू ओँहाँ अक्केली रहिँट्, तब रातधक् प्रार्थना कैलाँ।

31. ३१. येशू पानीक् उप्पर नेँग्लाँ — चित्र 2

चेलानके अपन लाऊ खिओईटी रहिँटे, तर महा रातधक् फेन ओईने समुन्द«के बिचो बिच भागमे किल आईल् रहिँट्। महा कठिनके साथ लाऊ खियाई टिँहिँट् काकरे कि शत्तिशाली आँधी ओईने विपरित आईटीरहे।

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येशू प्रार्थना कैके तब पाछे ओँहाँ चेलान्के ठन् गैलाँ। ओँहाँ समुन्द«के पानीके उप्पर नेँगटी ओईने हुईलक् लाऊ ओर गैलाँ।

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जब चेलानके येशूहे डेख्लाँ , ओईने महा जोरसे डरैलाँ काकरे कि ओईनहे कौनो भुट् डेखटी कलेरहिँट्। ओईने डराईटे बटाँ कहिके येशूहे पटा रहिन्, उहेक मारे ओईनहे बलैलाँ ओ कहलाँ, “जिनडराओ। मै हुँ

31. ३१. येशू पानीक् उप्पर नेँग्लाँ — चित्र 5

तब पत्रुस येशूनहे कहल, “गुरुज्यु, यदि अपनी हुई कलेसे, अपनीक् ठन् पानीक उप्पर होके अईना आज्ञा करी।” येशू पत्रुसहे कहला, “आऊ

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येशू प्रार्थना तब, पत्रुस लाऊ से बाहर निकरल् ओ पानीक् उप्पर येशू ठरह्याईलक ठाउँ ओर नेँगेलागल्।

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तब पत्रुस डराईल ओ पानी बुरेलागल्। उ अईसिक कहिके चिल्लाईल, “गरुज्यू महिँहे बचाई

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पत्रुस ओ येशू लाऊमे चौँह्रलाँ, पाछे आँधी तुरुन्ते ठम् गैल् ओ पानी फेन शान्त होगईल्।चेलानके छक्क परलाँ। ओईने ऐसिक कहटि येशूके आराधना कैलाँ, “फुरहण्डे अपनी परमेश्वरके पुत्र हई।”

बाइबलके कथा: मत्ती १४:२२-३३; मर्कूस ६:४५-५२; यूहन्‍ना ६:१६-२१ से

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