10. दश बिपत्ति
मोशा और हारुन फारो ठिन गए। बे कही, “इस्राएलको परमेश्वर अइसे कहात हए, ‘मिर आद्मिनके जान दे
फारो इस्राएलीनके छोडनके मनाही कर्तए रहो। तबही परमेश्वर मिश्रदेशमे डरलगनबारे दश बिपत्ति पठाई। परमेश्वर जे बिपत्तिसे फारोके बो फारो और सब मिश्रदेशसे शक्तिसाली हए कहीके दिखाइ दई।
परमेश्वर निल नदियाके खुनमे परिवर्तन कर्दै, पर फारो हबेफिर इस्राएलीनके जान नादई।
परमेश्वर पुरा मिश्रदेश भर मुड्का पठाई दई। फारो मोशाके मुड्का हटानके बिन्ती करी। पर सब मुड्का मरे पछ्के फारो अपन हृदय फिर कठोर कर लई और इस्राएलीनके जान के नादई।
तबही परमेश्वर भुसकीनको माहामारी पठाई। तओ पिछ्छुके बा मख्खीनको झुडए झूड पाठाई। फारो मोशाके और हारुनके बुलाई और अगर बे बो महामारीके रुकते तओ इस्राएलीनके जान देनके बताई। जब मोशा प्राथना करी, परमेश्वर पुरा मख्खीनके मिश्रसे हटाई दई। पर फारो फिर अपन हृदय कठोर पारी और इस्राएलीनके जानके नाएदई।
तओ पिछ्छुके, परमेश्वर मिश्रीनके सब गैयाभैसियामे महामारी लिअएदै और बे सब मरिगए। पार फारोको हृदय कठोर भओ और बो इस्राएलीनके जान नादई।
तओ परमेश्वर मोशाके फारोके अग्गु हबामे खरानी फेखन कही। जब बो अइसी करी, मिश्रीनके शरीरमे कष्टकर दुखौनो देखा पणो, पर इस्राएलीनके कछु नाए भओ। परमेश्वर फारोको हृदय कठोर करदै, और फारो इस्राएलीनके जानके नाएदै।
अइसो हुईके पिछ्छुके परमेश्वर पत्थर बर्साई जाके कारणसे मिश्रदेशको अन्नबाली नष्ट करदई और बाहिर निकरे भए सब मरी गए। फारो मोशा और हारुनके बुलाई और कही, “मए पाप करो हओ। तुम हीनासे जाए सिकत् हओ।” तओ मोशा प्रार्थना करी और आकाशसे पत्थर गिरत बन्द हुईगओ।
तर फारो फिरके पाप करी और अपन हृदयके कठोर बनाई। बो इस्राएलीनके स्वतन्त्र होनके नादई।
तबही परमेश्वर टिणिदलको झुड मिश्रदेशमे पठाई दई। जे टिणिदल पत्थरसे बचो भओ सब बालि खाईदैँ।
तओ परमेश्वर अँध्यारोके पठाई जो तिन दिन तकले रही रहो। बो इत्तो अँध्यारो रहए की मिश्री अपन घरसे बाहिर निक्रन नासिकत रहएं। पर इस्राएलीनके बैठो ठाउँमे उज्यारो रहए।
जे नौ बिपत्ति हुईगओ ताहुफिर फारो हबे फिर इस्राएलीनके मिश्रदेशसे जानके नादई। फारो परमेश्वरको बात नाए सुनके कारणसे अब बो एक अन्तिम बिपत्ति लानके योजना करी। जा बिपत्तिसे चाही फारोको मन परिवर्तन करदई।
बाइबलको कथाः प्रस्थान ५-१० से
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