43. मण्डलीको शुरुवात

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 1

येशू स्वर्गमे घुमगओ पिच्छुके, चेला येशू आज्ञा कहो बमोजिम यरुशलेममे नए बैठे रहए। हुना भए विश्वासी प्रार्थना करन लगातार रुपमे भेला भए।

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 2

सब वर्ष, लगातार चाडको ५० दिन पिच्छु, यहूदी महत्वपूर्णदिन, पेन्तिकोसको दिन मनात रहंए। पेन्तिकोस बो समय रहए, जब यहूदी कटनीको उत्सव मनान करे करत् रहए। यहूदी पुरा संसारसे यरुशलेममे एकसाथ पेन्तिकोसको दिन मनान आए करत् रहंए। बो वर्ष पेन्तिकोसको दिन चाहीं येशूको स्वर्गरहण भओ करिब १० दिन पिच्छु आओ।

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 3

जब विश्वासी अब एकसाथ रहंए, अचानक बे बैठो घरको एक शक्तिशालीबतासको झोक्का जैसो आवाजसे भरिगओ। तओ फिर आगीको ज्वाला जैसो देखान बालो वस्तु विश्वासीनको मुण उपर देखा पडो बे सब पवित्र आत्मासे भरे रहंए और बे अन्य भाषामे मस्कन लागे।

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 4

जब यरुशलेममे भओ आदमी बो हल्ला सुनिंम भिड का होत हए कहीके देखन आइगओ। जब आदमी विश्वासी परमेश्वरको अचम्मो को कामको प्रचार कारो सुनी, बे आश्चर्यचकित भए कि बे जे बात अपनी मातृभाषानमे सुनत रहए।

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 5

कोई आदमी चेलनसे मद्यसे मत्ताओ आरोप लगाई। पर पत्रुस ठाडीगओ और बे कहीं, “मिर बात सुनओ

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 6

“इस्राएलको आदमी हो, येशू एक आदमी रहए जौन परमेश्वरको शक्तिद्वारा गजब बणो चिन्ह और आश्चर्यकर्म करी रहए, जौन तुम देखे हओ और पता करेहओ। पर तुम बाके क्रूसमे टांगदए

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 7

“येशू मरो गओ बो फिर, परमेश्वर बाके मृत्यसे उठाई। बो जा भविष्यवाणी पुरा करी, जौन कही रहए, ‘तुम अपन पवित्र जनके चिहानमे सडन नादेहँओ।’ हम बहे बातके साक्षी हँए, कि परमेश्वर येशूके फिर जीवित तुल्याई।”

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 8

“येशू हबे परमेश्वर दौवाको दाहीने हात पट्टि महीमीत हए। फिर येशू प्रतिज्ञा करो जेसी पवित्रआत्मा पठाई हए। तुम हबे देखत और सुनो बात पवित्र आत्मा करत रहए।”

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 9

“तुम येशूके क्रुसमे टंगाए। पर जा बात पक्का कर्के जाबओ कि परमेश्वर यशूके प्रभु और मसीह दुनए बनाई हए

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 10

पत्रुसको बात सुनन बाले आदमीनके बोकी कहो बात गहीरो प्रभाव करी। तही बे पत्रुस और चेलानके पुंछि, “भाई हो, हम का करँए?”

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 11

पत्रुस बिनके जवाफ दै, “तुम सबके पश्चाताप करन पडैगो और येशू ख्रीष्टको नाउँमे बप्तिस्मा लेन पडैगो, जासे परमेश्वर तुमके पाप छेमा कर्देबैगो। फिर बा तुमकेपवित्र आत्माको वरदान फिर देबैगो।”

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 12

करिब ३,००० आदमी पत्रुसको बातमे विश्वास करीं और येशूको चेला भए। बिनको वाप्तिस्मा हुइगओ और बे यरुशलेमको मण्डलीको हिस्सा भए।

43. मण्डलीको शुरुवात — चित्र 13

बे चेला लगातार रुपमे प्रेरितको शिक्षा सुनत रहंए, एकसाथ बितात रहंए, एकसाथ खात रहंए और एक-दुस्रेक बाँडत रहंए। सब बिनको बारेमे अच्छो सोचंत रहंए। प्रतिदिन, और गजब आदमी विश्वासी भए।

बाइबलको कथा: प्रेरित २ से

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